‘अगर होर्मुज में जहाजों पर हुआ हमला तो उड़ा देंगे पुल-पावर प्लांट’: ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, 12वें दिन भी जारी रही एयरस्ट्राइक

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब 12वें दिन में पहुँच गई है। यह लड़ाई अब और भी ज्यादा भयानक रूप ले चुकी है। अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात भी ईरान के कई इलाकों में बड़े हवाई हमले किए हैं। शांति से मामला सुलझाने की सभी कोशिशें पूरी तरह नाकाम हो चुकी हैं। दोनों ही देश अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं और झुकने को तैयार नहीं हैं।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बहुत बड़ी और सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान ने समुद्र के रास्ते में किसी जहाज पर हमला किया, तो अमेरिका ईरान के पुल और बिजली घरों (पावर प्लांट) को बम से उड़ा देगा।

ट्रंप का बड़ा बयान: तेहरान के बिजली घर और पुल भी निशाने पर

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि अब से अगर ईरान होर्मुज समुद्री रास्ते में किसी भी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। ईरान चाहे मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से हमला करे, अमेरिका उसका करारा जवाब देगा।

अमेरिका बदले में ईरान के किसी एक पुल या बिजली घर को पूरी तरह से तबाह कर देगा। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि इसमें ईरान की राजधानी तेहरान या उसके आसपास के इलाके भी शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने अपने दफ्तर से बात करते हुए कहा कि उन्हें ईरान के साथ कोई बैठक करने में अब कोई दिलचस्पी नहीं है। खबरें यह भी आ रही हैं कि अमेरिकी सेना ईरान के पिकैक्स माउंटेन पर बन रहे जमीन के अंदर वाले गुप्त परमाणु ठिकाने पर भी सीधा हमला कर सकती है।

सीमा पर अमेरिकी मिसाइल गिरी: 2 लोगों की मौत, कई शहर दहल उठे

जंग के 12वें दिन अमेरिका ने ईरान और इराक की सीमा पर बने शलामचेह बॉर्डर के पास एक मिसाइल दागी। यह मिसाइल बॉर्डर के पैसेंजर टर्मिनल के पास आकर गिरी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में 2 लोगों की जान चली गई है और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

यह बॉर्डर इलाका व्यापार और धार्मिक यात्राओं के लिए बहुत खास माना जाता है। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने ईरान के अहवाज, रामशिर और अंदीमेश्क जैसे कई बड़े शहरों के आसपास भी जमकर बमबारी की है।

जंग शुरू होने से लेकर अब तक ईरान में 53 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इन मृतकों में 6 महिलाएँ और 3 छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 600 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं जवाब में ईरान ने भी कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।

तेल के रास्ते पर कब्जे की लड़ाई

अब यह पूरी लड़ाई समुद्र के ‘होर्मुज रास्ते’ पर कब्जे की बन चुकी है। यह समुद्री रास्ता बहुत खास है क्योंकि पूरी दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से होकर जाता है। फरवरी से ही इस रास्ते में रुकावट आ रही है। इस वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहराने लगा है।

शांति समझौता टूटने के बाद पहली बार कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड ऑयल) की कीमत बढ़कर 94 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार अमेरिका इस जंग पर अब तक करीब 37.5 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कह दिया है कि उनका देश अब ‘ईंट का जवाब पत्थर’ से देगा।