NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, तो वहीं दिल्ली में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात छात्रों को संबोधित करते हुए पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने का ऐलान किया है।
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव, उच्च शिक्षा विभाग को मिला नया सचिव
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में अहम प्रशासनिक बदलाव करते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया है। वे इस पद पर विवेक भारद्वाज का स्थान लेंगे, जो 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।
गंगवार इससे पहले मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके साथ ही टीके अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं कटिकितला श्रीनिवास को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव बनाया गया है।
खान मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का महासचिव नियुक्त किया गया है। इन सभी नियुक्तियों को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब NEET-UG पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध लगातार जारी है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में जज की नियुक्ति
पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने जज अनु ग्रोवर बलीगा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है। अब वे राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में स्थापित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 तथा उससे जुड़े अन्य आपराधिक मामलों की सुनवाई करेंगी।
इससे पहले वे तीस हजारी कोर्ट के केंद्रीय जिला मध्यस्थता केंद्र की प्रभारी न्यायाधीश थीं। दिल्ली हाई कोर्ट की यह अधिसूचना उस घोषणा के तुरंत बाद आई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की बात कही थी।
PM मोदी ने आधी रात दिया संदेश
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (23 जुलाई 2026) आधी रात करीब 12 बजे छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान करने वाला नया कानून लाने जा रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संबंध में तैयार मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा होगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले सप्ताह संसद में पेश कर जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
अपने संदेश में मोदी ने कहा,पीएम “पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। विभागों ने देर रात प्रस्ताव तैयार कर उन्हें सौंप दिया, जिसे कैबिनेट में रखा जाएगा। इसके बाद कठोर सजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट से जुड़े प्रावधानों वाला विधेयक अंतिम रूप देकर संसद के दूसरे सप्ताह में पेश किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।
इसके तहत पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वाले व्यक्ति को दोषी साबित होने पर 5 से 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा उन पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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