दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लाम क्षेत्र में शुक्रवार (31 जुलाई 2026) की शाम आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में छत्तीसगढ़ निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भोपिंदर गंभीर रूप से घायल हो गए।
Kulgam, Jammu and Kashmir: One nonlocal worker was killed and another injured after terrorists fired upon them in Kellam area of Kulgam district. Security forces have cordoned off the area and launched a search operation to track the attackers: J&K Police
— ANI (@ANI) July 31, 2026
घायल को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जीएमसी अनंतनाग रेफर कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ मौके पर पहुँचीं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया है ताकि हमलावरों का जल्द पता लगाया जा सके। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियाँ हमले के सभी पहलुओं की जाँच कर रही हैं।
उपराज्यपाल ने दिए सख्त निर्देश, आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत की है।
I spoke with the DGP, Shri Nalin Prabhat and top security officials following the brutal terrorist attack in Kulgam in which a labourer from Chhattisgarh was killed. I strongly condemn this cowardly act. I have directed our security forces to step up their operations and…
— Manoj Sinha (@manojsinha_) July 31, 2026
उपराज्यपाल ने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज करने तथा उन्हें जल्द से जल्द ढेर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आतंकियों की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है। साथ ही घायल मजदूर के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पहले भी हिंदुओं और गैर-कश्मीरियों को बनाया गया है निशाना
गौरतलब है कि इससे पहले अनंतनाग शहर में आतंकियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में पहले भी हिंदुओं और गैर-कश्मीरी नागरिकों की टारगेटेड किलिंग की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2024 में श्रीनगर में आतंकियों ने पंजाब के अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे हमलों का उद्देश्य बाहरी राज्यों से आए लोगों में भय का माहौल पैदा करना और क्षेत्र की सामान्य स्थिति को प्रभावित करना है। कुलगाम की ताजा घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है तथा आतंकियों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।

