बिहार की राजधानी पटना के जीरो माइल में तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आने से एक 27 साल के युवक की मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा और आगजनी की। भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों और बसों समेत करीब 10 वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस भारी बवाल की वजह से एनएच-30 पर 10 किमी लंबा जाम लग गया है।
युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने उसके शव को सड़क के बीचों-बीच रख दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एनएच-30 को पूरी तरह से जाम कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि जब पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं, तो भीड़ ने उन्हें भी रोक लिया।
उपद्रवियों ने हंगामे की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ मारपीट की और उन पर पथराव भी किया। हालात को बेकाबू होते देख मौके पर 5 थानों की पुलिस को तुरंत तैनात किया गया। ASP राज किशोर सिंह ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के बाद लोग उग्र हो गए थे।
पुलिस ने लोगों को समझाने और शांत कराने की पूरी कोशिश की है। फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में हालात को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्लीपर बस, ट्रैफिक पोस्ट और कई बाइकों में लगाई गई आग
गुस्साई भीड़ ने सड़क किनारे और मौके पर खड़ी कई गाड़ियों को निशाना बनाया। उपद्रवियों ने एक प्राइवेट यात्री बस और एक स्लीपर बस को आग के हवाले कर दिया, जिससे गाड़ियों से काले धुएँ का गुबार उठता देखा गया। हालाँकि, इन बसों के अंदर यात्री थे या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
इसके अलावा, भीड़ ने पुलिस की दो गाड़ियों और एक ट्रैफिक पोस्ट में भी आग लगा दी। आगजनी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि सड़क किनारे खड़ी 5 से ज्यादा बाइकों और अन्य वाहनों को भी फूँक दिया गया। इस भीषण हंगामे के कारण पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
जाम में कई स्कूलों की बसें भी फँस गई हैं, जिससे छोटे बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की कई टीमें मौके पर डटी हुई हैं और यातायात को सुचारू रूप से बहाल करने की कोशिश कर रही हैं। मृत युवक की पहचान और इस पूरे हादसे के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

