गुजरात के मोरबी जिले के एक गाँव में स्थित एक कुएँ का पानी पिछले कई दिनों से लगातार समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखाई दे रहा है। इस अनोखी घटना ने स्थानीय लोगों के बीच उत्सुकता के साथ-साथ भूकंप को लेकर आशंका भी पैदा कर दी। मामला जिला प्रशासन तक पहुँचने के बाद कलेक्टर ने तुरंत तकनीकी जाँच के निर्देश दिए।
शुरुआती जाँच में विशेषज्ञों ने इसे किसी भूकंपीय गतिविधि से जोड़ने से इनकार किया है और भारी बारिश के बाद भूजल स्तर में आए बदलाव को संभावित कारण बताया है। अब इस रहस्यमयी हलचल की सटीक वजह जानने के लिए विस्तृत वैज्ञानिक जाँच कराई जा रही है।
Well Water Continues to Oscillate in Morbi Village; Collector Orders Probehttps://t.co/pff81MqDLb pic.twitter.com/YmeMLJAMfO
— DeshGujarat (@DeshGujarat) August 6, 2026
मोरबी के वीरपरडा गाँव का कुआँ बना चर्चा का विषय
मोरबी तहसील के वीरपरडा गाँव में किसान प्रांजिवनभाई सदारिया के खेत में बने करीब 18 फीट गहरे कुएँ में पानी पिछले पाँच दिनों से लगातार असामान्य तरीके से हिल रहा है। पानी की सतह पर समुद्र जैसी लहरें उठ रही हैं और कई बार पानी किनारों तक पहुँचकर बाहर भी निकलता दिखाई दिया।
किसान के अनुसार, उन्होंने पहली बार 2 अगस्त को इस बदलाव को देखा था। खेत पहुँचने पर कुएँ का पानी सामान्य स्थिति में नहीं था और तब से यह घटना रुक-रुककर जारी है। मंगलवार (4 अगस्त 2026) को कुछ समय के लिए हलचल थमी, लेकिन इसके बाद फिर से शुरू हो गई।
यह दृश्य देखने के लिए आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं और वीडियो व तस्वीरें बना रहे हैं। खास बात यह है कि आसपास के अन्य कुओं में ऐसी कोई गतिविधि नहीं देखी गई है।
भूकंप नहीं, भूजल और चट्टानों के बीच फंसी हवा हो सकती है वजह
कुएँ में लगातार उठ रही लहरों को देखकर ग्रामीणों में भूकंप की आशंका फैल गई थी। हालाँकि जिला प्रशासन और भू-वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसी किसी चिंता की जरूरत नहीं है। जिला भू-वैज्ञानिक जगदीश वाढेर की प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि हाल की भारी बारिश के कारण भूजल स्तर तेजी से बढ़ा है।
बारिश का पानी जमीन के नीचे मौजूद जलभंडारों तक पहुँचने के दौरान चट्टानों के छिद्रों और दरारों के बीच फंसी हवा पर दबाव बना रहा है। यही हवा बाहर निकलते समय पानी में लगातार हलचल पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवा और हालिया भूजल रिचार्ज भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
कलेक्टर ने कराई जाँच, अब विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की जानकारी मिलने के बाद मोरबी के कलेक्टर स्वप्निल खरे ने तत्काल तकनीकी जाँच के निर्देश दिए। प्रशासन ने गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) से भी रिपोर्ट माँगी। संस्थान ने स्पष्ट किया कि पिछले आठ से दस दिनों के दौरान मोरबी जिले में किसी भी तरह की भूकंप या भूमिगत भूकंपीय गतिविधि दर्ज नहीं हुई है।
साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित इलाके में कोई सक्रिय फॉल्ट लाइन मौजूद नहीं है। इसके बाद कलेक्टर ने ग्राउंड वाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट (GWRI) के विशेषज्ञों को भी विस्तृत जाँच के लिए बुलाया है। विशेषज्ञों की टीम जल्द ही स्थल पर पहुँचकर भूजल, मिट्टी और भूमिगत संरचना का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि कुएँ के पानी में हो रही इस असामान्य हलचल की वास्तविक वजह अंतिम तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। तब तक प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।

