भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के सरकारी बैंक ओस्चादबैंक के साथ निवेश को लेकर हुए विवाद में रूस ने मध्यस्थ नियुक्त किया है। ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि तीन सदस्यीय न्यायाधिकरण की अध्यक्षता कोस्टा रिका की पूर्व व्यापार मंत्री ड्याला जिमेनेज करेंगी। उन्हें दोनों पक्षों ने मिलकर चुना है।
तीसरे सदस्य ग्रीक प्रोफेसर स्टावरोस ब्रेकुलाकिस हैं, जो सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। उन्हें यूक्रेन के ओस्चैडबैंक ने मध्यस्थ के तौर पर नियुक्त किया है। यह मध्यस्थता यूक्रेन और रूस के बीच 1998 की द्विपक्षीय निवेश संधि से संबंधित है ।
इससे पहले, पूर्व मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने विंटरशाल डीया और उक्रेनर्गो द्वारा लाए गए संधि दावों में रूस के मध्यस्थ के रूप में काम करने के रूसी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। ये मध्यस्थता ठुकराए जाने के कुछ महीने बाद ये प्रस्ताव रूस की तरफ से आया है।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रचूड़ की नियुक्ति ऐसे समय हो रही है, जब उन्होंने कथित तौर पर रूस की गैस और तेल उत्पादन कंपनी विंटरशाल डीईए और बिजली कंपनी उक्रेनर्गो से जुड़े विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभाने से मना कर दिया था। जानकारी के मुताबिक, ये प्रस्ताव भी उसी दिन दिए गए थे, जब विंटरशाल मामले में चंद्रचूड़ को चुना गया था। बाद में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।
ओशचैडबैंक का प्रतिनिधित्व क्विन इमैनुएल उर्कहार्ट एंड सुलिवन के साझेदार एपामिनोन्टास ट्रायंटाफिलौ और एलेक्स गेर्बी, साथ ही एस्टर्स के साझेदार ओलेक्सी डिडकोवस्की, एंड्री पोजिडेयेव और ओक्साना लेग्का कर रहे हैं। वहीं, रूस का प्रतिनिधित्व पिन्ना गोल्डबर्ग की साझेदार एंड्रिया पिन्ना, वकील प्रत्युष पंजवानी और वरिष्ठ सहयोगी दिमित्रियोस पापाजॉर्जियो कर रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाले ओशचैडबैंक का कहना है कि 2022 में रूसी हमले की वजह से डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसोन और ज़ापोरिज़िया क्षेत्रों में संपत्तियों और व्यावसायिक गतिविधियों को काफी क्षति हुआ है। ओशचैडबैंक ने इसके लिए सैकड़ों मिलियन डॉलर का हर्जाना माँगा है। बैंक का दावा है कि इन संपत्तियों और परिचालनों की कीमत करोड़ों डॉलर में है।
ओस्चैडबैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद का नोटिस भेजा, जिसका कथित तौर पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बैंक ने विवाद की कार्यवाही शुरू की।
डी वाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 को भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्हें मई 2016 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।

