उज्बेकिस्तान की लोला गिरफ्तार, लखनऊ में चला रही थी सेक्स रैकेट का धंधा: प्लास्टिक सर्जरी से चेहरा बदलकर 1 साल तक पुलिस को देती रही चकमा

राजधानी लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देह व्यापार यानि सेक्स रैकेट का सिंडिकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा को लखनऊ पुलिस और खुफिया एजेंसी (आईबी) की टीम ने मंगलवार (11 अगस्त) देर शाम मैक्स अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। वह लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले में पिछले एक साल से लगातार फरार चल रही थी।

पुलिस से बचने के लिए उसने बहुत ही शातिर तरीका अपनाया और प्लास्टिक सर्जरी करवाकर अपना पूरा चेहरा और हुलिया ही बदल लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य राज भी सामने आ सकें।

कैसे खुला था इस अवैध धंधे का पूरा राज

यह पूरा मामला जून 2025 में पहली बार सामने आया था। उस समय पुलिस और एफआरआरओ की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के एक फ्लैट में उज्बेकिस्तान की कुछ युवतियाँ अवैध रूप से रह रही हैं। उन्नीस जून की रात को पुलिस और एफआरआरओ की टीम ने सुशांत गोल्फ सिटी स्थित ओमेक्स आर-वन और न्यू हजरतगंज के एक अपार्टमेंट पर छापा मारा था।

वहाँ से नीलोफर और होलिडा नाम की दो विदेशी उज्बेकिस्तानी युवतियों को पकड़ा गया था। ये दोनों युवतियाँ बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में रह रही थीं। जब पुलिस ने इन दोनों युवतियों से कड़ाई से पूछताछ की, तब जाकर लखनऊ में विदेशी युवतियों को ठहराने और सेक्स रैकेट चलाने वाले इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था।

पुलिस की नजरों से बचने के लिए कराई थी सर्जरी

पुलिस की शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई कि पकड़ी गई दोनों युवतियाँ बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में रह रही थीं और लोला उनसे मसाज पार्लर में काम करवाती थी तथा वहीं से उनकी बुकिंग भी करती थी। जब पुलिस ने इस मामले में लोला की तलाश शुरू की, तो उसे अपनी गिरफ्तारी की भनक लग गई और वह तुरंत मौके से फरार हो गई। पुलिस से बचने के लिए उसने अपनी उम्र और पहचान छुपाने का खौफनाक रास्ता चुना।

89 साल की उम्र में 29 साल की दिखने की चाहत रखने वाली लोला ने अपनी पहचान पूरी तरह छिपाने के लिए अहिमामऊ की मिनर्वा क्लीनिक के डॉक्टर विवेक गुप्ता की मदद ली थी। उसने अपने चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट समेत कुल 7 बार प्लास्टिक सर्जरी कराई थी। डॉक्टर पर भी बिना पासपोर्ट और वीजा की जाँच किए मोटी रकम लेकर सर्जरी करने और फर्जी पनाह देने के गंभीर आरोप हैं।

पॉश इलाकों के फ्लैट बनते थे अवैध धंधे के ठिकाने

हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट चलाने वाली लोला नेपाल और उज्बेकिस्तान से अवैध रूप से विदेशी महिलाओं को भारत लेकर आती थी। वह लखनऊ में डॉक्टर की मदद से महिलाओं की प्लास्टिक सर्जरी कराकर उनका हुलिया बदलवाती थी और शहर के पॉश इलाकों के फ्लैटों में रखकर उनसे देह व्यापार का गंदा धंधा करवाती थी।

जून 2025 में विदेशी महिलाओं के पकड़े जाने के बाद से ही लोला पूरी तरह से अंडरग्राउंड हो गई थी। इसके बाद भी वह लखनऊ में ही छुपी रही और चोरी-छिपे अपना यह अवैध धंधा लगातार बढ़ाती रही। वह बार-बार अपने ठिकाने बदलती थी ताकि पुलिस या जाँच एजेंसियों की पकड़ में न आ सके।

जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लोला के फर्जीवाड़े की एक के बाद एक कई परतें खुलकर सामने आने लगीं। पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई को पूरी तरह से गुमराह करने के लिए लोला ने एक फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट तैयार करवाया था। इसी फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर उसने अपना पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा लिया था।

जिस व्यक्ति को उसने अपने मैरिज सर्टिफिकेट में पति दिखाया था, वह असल में उसका एक ग्राहक था जो बाद में उसके इस काले धंधे में शामिल हो गया था। वह अपने ही फ्लैट पर इस धंधे को करवाने में लोला की मदद करता था। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि लोला के खिलाफ उसके अपने देश उज्बेकिस्तान में भी लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।

पुलिस अब कर रही है अन्य मददगारों की तलाश

मुखबिर से खास सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मैक्स अस्पताल के आसपास के इलाके में अपनी निगरानी बढ़ा दी और पूरी तरह से घेराबंदी कर ली। पुलिस ने मौके पर ही पहचान करके लोला को दबोच लिया और थाने ले आई। पुलिस अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियाँ आपस में जोड़ने में पूरी तरह से जुटी हुई है।

जाँच का मुख्य केंद्र इस बात पर है कि विदेशी युवतियों को लखनऊ कौन बुलाता था, उनके भारत आने की पूरी व्यवस्था कौन करता था और शहर में उनके ठहरने के लिए फ्लैट कौन उपलब्ध कराता था। पुलिस उन सभी स्थानीय लोगों और मददगारों की भी बहुत बारीकी से जाँच कर रही है जिन्होंने लोला की पहचान बदलने में और उसे फर्जी तरीके से यहाँ बसाने में मदद की थी।