उत्तर प्रदेश स्थित मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के न्यू इस्लामनगर में स्क्रैप कारोबारी हारून पर हुई जानलेवा फायरिंग के मामले में शनिवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब मुख्य नामजद आरोपी रवीश खुद एसएसपी कार्यालय पहुँच गया। हाथ में तख्ती लेकर पहुँचे रवीश ने पुलिस के सामने सरेंडर किया।
उसने कहा कि उससे गलती हो गई है और अब वह दोबारा अपराध नहीं करेगा। उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी माफी की गुहार लगाई। रवीश शनिवार दोपहर अपने अधिवक्ता के साथ एसएसपी कार्यालय पहुँचा था। उसने वहाँ पहुँच कर खुद को हारून पर गोली चलाने वाला आरोपी बताया। रवीश का कहना था कि उसने गोली चलाई थी लेकिन उसके साथ नामजद किए गए बाकी रिश्तेदार निर्दोष हैं।
लोहियानगर थाने में गोलीकांड के आरोपी का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला।
— Up15news (@salmanraja46) September 12, 2026
हाथ में तख्ती लेकर आरोपी थाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने किए जुर्म की माफी मांगता नजर आया।@meerutpolice@meerut_ssp @uppolice #मेरठ pic.twitter.com/cAwN8MYxwA
रवीश के हाथ में एक पोस्टर था, जिस पर लिखा था, “मैं माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी (उत्तर प्रदेश) से माफी माँगता हूँ। मैं कभी अपराध नहीं करूँगा। मुझे माफ कर दें।” लोहियानगर थाना पुलिस ने उसके आत्मसमर्पण का वीडियो भी जारी किया। वीडियो में रवीश अपराध से तौबा करने की बात कहता दिखाई दे रहा है। साथ ही वो यह भी कहता है कि उसे पैर में गोली न मारी जाए।
नमाज पढ़कर लौट रहे हारून पर हुई थी फायरिंग
मामला शुक्रवार, 11 सितंबर की दोपहर का है। न्यू इस्लामनगर में जुमे की नमाज पढ़कर लौट रहे स्क्रैप कारोबारी हारून पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई गई थीं। रिपोर्ट के अनुसार आरोपितों ने करीब दस राउंड फायर किए, जिनमें हारून को तीन गोलियाँ लगीं। गोली लगने के बाद उसे संतोष अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद हारून के भाई सोनू मलिक ने लोहियानगर थाने में इरशाद, रवीश, फिरोज, शाबाना और बशीर के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू करते हुए आरोपितों की तलाश तेज कर दी थी।
स्क्रैप कारोबारी हारून और पशु आहार कारोबारी इरशाद मलिक के बीच कमेटी के ₹24 लाख को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को फायरिंग की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। इरशाद का घर फतेउल्लापुर पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर बताया गया है।
थाना लोहियानगर क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 11-09-2026 को न्यू इस्लामनगर में पैसे के लेन-देन के विवाद के प्रकरण में वांछित अभियुक्त द्वारा आत्मसमर्पण एवं पुलिस कार्यवाही के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,मेरठ महोदय की बाइट।#MEERUTPOLICE #UPPOLICE pic.twitter.com/bkdRNYZv6E
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आरोपी ने बताई फायरिंग की अलग कहानी
आत्मसमर्पण करने पहुँचे रवीश ने पुलिस के सामने घटना को लेकर अपना पक्ष भी रखा। उसका कहना था कि लोहियानगर में स्क्रैप कारोबारी हारून पर उसके द्वारा गोली चलाई गई थी। हालाँकि, उसने दावा किया कि बाकी नामजद रिश्तेदारों का घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
रवीश ने पुलिस के सामने यह भी कहा कि स्क्रैप कारोबारी 10 से 12 साथियों के साथ पिस्टल लेकर आया था। उसके अनुसार पिस्टल छीनने की झड़प के दौरान गोली हारून को लग गई। वहीं पुलिस और शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से घटना को जानलेवा हमले के रूप में बताया गया है।
परिवार के कुछ लोग हिरासत में, बाकी आरोपियों की तलाश
रवीश के आत्मसमर्पण के बाद लोहियानगर थाना पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस उसके पास मौजूद पिस्टल और कारतूसों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। रवीश ने बताया कि पिस्टल उसके पास काफी समय से थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में इस्तेमाल हथियार कहाँ से आया और उसके पास कितने समय से था।
पुलिस ने इरशाद की पत्नी और बेटी को भी हिरासत में रखा है। वहीं मामले में नामजद अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा रवीश के उस आत्मसमर्पण की हो रही है, जिसमें वह हाथ में पोस्टर लेकर एसएसपी कार्यालय पहुँचा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माफी माँगते हुए अपराध से दूर रहने की बात कही।

