शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक खास चिट्ठी लिखी है। इस पाती में उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की असली नींव करार दिया और कहा कि एक अच्छा शिक्षक सिर्फ किताबों का पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रहता बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता रोशन करने वाला दीपक होता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर खासा जोर दिया कि पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और अपने कर्तव्यों की समझ पैदा करना भी उतना ही जरूरी है। अपनी पाती में योगी ने बताया कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर उन्हें ऐसे 81 गुरुओं को सम्मानित करने का मौका मिला जिन्होंने राष्ट्र निर्माण की नींव रखी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक ज्ञान की रोशनी फैलाकर अगली पीढ़ियों का रास्ता आसान बनाते हैं। इसी कड़ी में आगे 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस भी मनाया जाना है जिसका मकसद ज्ञान का दायरा बढ़ाना और हर इंसान को सशक्त बनाना है।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 7, 2026
शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को हम अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाएंगे।
हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक… pic.twitter.com/qilR5B9XEL
स्कूल सिर्फ पढ़ना-लिखना सीखने की जगह नहीं है
सीएम योगी ने पूछा कि आखिर बच्चे स्कूल क्यों जाते हैं? उनका कहना था कि यह सिर्फ अक्षर पहचानने या पढ़ना-लिखना सीखने के लिए नहीं होता, बल्कि स्कूल जाने का मकसद बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, खुद पर भरोसा और जीवन को सही दिशा देने वाली समझ विकसित करना भी है।
उन्होंने भारत की गुरुकुल व्यवस्था का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस दौर में ज्ञान के साथ-साथ जीवन मूल्य और अपने कर्तव्यों का बोध भी सिखाया जाता था। मुख्यमंत्री के मुताबिक आज की शिक्षा व्यवस्था की नींव भी इसी सोच पर टिकी होनी चाहिए। उनका मानना है कि ज्ञान तभी सार्थक कहलाता है जब वो ज़िंदगी को आसान बनाए।
AI और डिजिटल युग में साक्षरता के मायने बदल रहे हैं
बदलते दौर की तकनीक पर बात करते हुए CM ने कहा कि आज के समय में डिजिटल और AI साक्षरता एक जरूरत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक और नई उभरती तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती-किसानी, उद्योग और रोजगार जैस हर क्षेत्र में नए मौके पैदा कर रही हैं।
योगी ने बताया कि उनकी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने लखनऊ में बन रही AI City और कानपुर में तेज़ी से विकसित हो रहे ड्रोन व UAV तकनीक के इकोसिस्टम का हवाला भी दिया।
ऑपरेशन कायाकल्प से कौशल विकास तक, गिनाई सरकार की उपलब्धियां
अपनी चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि इन सबका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, स्कूलों में बेहतर सुविधाएं देना, बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना और युवाओं का हुनर निखारना है। CM के मुताबिक इन प्रयासों का ही नतीजा है कि प्रदेश के स्कूलों में ड्रॉपआउट दर काफी हद तक घटी है और बड़ी तादाद में बच्चे अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
हर व्यक्ति को साक्षर बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने इस पूरी कवायद में शिक्षकों की भूमिका को सबसे अहम बताया। उनका कहना था कि शिक्षक ही हैं जो विद्यार्थियों में संस्कार, जिज्ञासा, अनुशासन, आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी की भावना जगाते हैं और परंपरागत ज्ञान को आधुनिक सोच व नवाचार से जोड़ने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि साक्षरता का संकल्प तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक पूरा समाज इसमें साथ न दे। अगर आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जो पढ़ना-लिखना नहीं जानता, तो उसे साक्षर बनाना हम सबकी ज़िम्मेदारी है। उनके मुताबिक, किसी एक इंसान को अक्षर ज्ञान देने की छोटी सी कोशिश भी उसकी ज़िंदगी में आत्मविश्वास और नए अवसरों के दरवाज़े खोल सकती है।
अपनी बात खत्म करते हुए सीएम योगी ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर सबसे अपील की कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे, हर विद्यार्थी को अच्छी शिक्षा मिले, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े और हर नागरिक न सिर्फ साक्षर बने बल्कि डिजिटल ज्ञान और AI को लेकर भी जागरूक रहे।

