कॉन्ग्रेस का शीर्ष नेतृत्व निष्क्रिय और भ्रष्ट, पार्टी बदले अपना नेता: CM योगी की सलाह – अराजकता छोड़ दें कॉन्ग्रेसी, वरना जो बचा है वो भी गँवा देगी

कॉन्ग्रेस की राजनीति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अक्टूबर 2026 को तीखा हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अब अराजकता का दूसरा नाम बन चुकी है। सीएम योगी ने साफ चेतावनी दी कि अगर कॉन्ग्रेस ने यही रवैया जारी रखा तो जनता उसका बचा-खुचा राजनीतिक वजूद भी खत्म कर देगी।

मुख्यमंत्री योगी का कहना था कि कॉन्ग्रेस हार से सबक लेने की जगह लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को ही कठघरे में खड़ा करने में लगी है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को जनता बार-बार ठुकरा रही है, उसे यह समझना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। भारत की जनता लोकतांत्रिक मामलों में जागरूक है और अराजक आचरण को ज्यादा दिन बर्दाश्त नहीं करेगी।

पहचान का संकट… फिर भरोसा भी गँवाया

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस ने अपने गैर-जिम्मेदाराना रवैये से देश में अराजकता का माहौल बना दिया है। उनके मुताबिक पार्टी ने पहले देश के भीतर पहचान का संकट पैदा किया और फिर अपने भ्रष्ट इरादों की वजह से जनता का विश्वास खो बैठी। 

सीएम योगी ने कहा कि इसके बाद भी कॉन्ग्रेस और उसके सहयोगी दलों के तौर-तरीके नहीं बदले। जनता के लगातार नकारने की वजह खोजने के बजाय वे चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश में जुटे हैं।

उन्होंने कॉन्ग्रेस नेतृत्व को नसीहत दी कि अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने से पहले आईने में देखें और अपने आचरण पर आत्ममंथन करे।

यूपी ने 41 साल पहले ही दिखा दिया था बाहर का रास्ता

कॉन्ग्रेस के सिकुड़ते जनाधार की बात करते हुए सीएम योगी ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 41 साल पहले ही इस पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया था। 1985 के बाद पार्टी प्रदेश की सत्ता में कभी वापस नहीं लौट पाई। 

उन्होंने कहा कि यही कहानी बाकी राज्यों में भी दोहराई गई, जहाँ एक-एक करके जनता का कॉन्ग्रेस से मोहभंग होता चला गया। फिर भी पार्टी नेतृत्व यह मानने को तैयार नहीं कि समस्या जनता में नहीं, उसकी अपनी राजनीति में है।

दिल्ली में अव्यवस्था फैलाने का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कई दिनों से कॉन्ग्रेस देश की राजधानी दिल्ली में लगातार अव्यवस्था फैला रही है, जिससे आम लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने इसे संवैधानिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाने की घटिया कोशिश बताया। 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह है, पर इसके नाम पर जनता को तंग करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना किसी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

जीते तो अपना पुरुषार्थ, हारे तो EVM और चुनाव आयोग दोषी

कॉन्ग्रेस के दोहरे रवैये पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि चुनाव जीत जाएँ तो यह उनका पुरुषार्थ होता है, लेकिन हारते ही EVM और चुनाव आयोग गुनहगार हो जाते हैं। 

अदालत अगर मेरिट के आधार पर फैसला दे दे तो न्यायपालिका को भी कटघरे में खड़ा करने और धमकाने की कोशिश होती है। सीएम योगी के अनुसार यही बर्ताव बाकी संवैधानिक संस्थाओं के साथ भी दिखता है। गाली-गलौज, संस्थाओं की साख पर सवाल और अव्यवस्था फैलाना कॉन्ग्रेस की राजनीतिक आदत बन चुका है।

CM का सुझाव- नेतृत्व बदलने पर विचार करे कॉन्ग्रेस

मुख्यमंत्री ने कॉन्ग्रेस नेताओं से अपने शीर्ष नेतृत्व की निष्क्रियता और भ्रष्ट आचरण पर विचार करने को कहा। उनका कहना था कि जिस नेतृत्व पर जनता का भरोसा ही नहीं बचा, उसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हार का दोष मढ़ने से खोई हुई जमीन वापस नहीं मिलेगी। साथ ही उन्होंने कॉन्ग्रेस को जनता और खासकर युवाओं को गुमराह करने से बाज आने की सलाह दी।

सीएम योगी ने कहा कि कॉन्ग्रेस के लिए बेहतर यही होगा कि वह अराजकता छोड़कर मुद्दों पर और मेरिट के आधार पर बहस करे और स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनें। उनके मुताबिक यही देश, लोकतंत्र और जनता, तीनों के हित में है।