ठीक 25 साल पहले, 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। आज उसी तारीख को दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंडोर स्टेडियम में ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम हुआ और इसका सीधा प्रसारण लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहीं से जुड़े और प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
पटेल पार्क में ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि गुजरात के एक छोटे से गाँव से निकले साधारण कार्यकर्ता ने देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। उनके मुताबिक यह गाँव से ग्लोबल और जनसेवा से राष्ट्रसेवा की यात्रा है।
सीएम योगी ने याद दिलाया कि 2001 में गुजरात भीषण आपदा से जूझ रहा था। उस वक्त नरेंद्र मोदी ने सीएम पद की कमान संभाली और राज्य को मॉडल स्टेट बनाकर दिखाया। फिर पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री के रूप में देश को मजबूत बनाया। उन्होंने एक संयोग भी गिनाया। उन्होंने बताया कि मोदी ने जब पहली बार शपथ ली, तब लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। आज वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी देश चला रहे हैं।
आज हर भारत वासी के लिए, हर उत्तर प्रदेश वासी के लिए गौरव का क्षण है… आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी उत्तर प्रदेश के ही वाराणसी संसदीय क्षेत्र के सांसद के रूप में देश के अंदर अपना नेतृत्व दे रहे हैं… #25YearsOfSeva https://t.co/kODuIrVkNs
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 7, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया- आँकड़ों में आया बदलाव
सीएम योगी ने कहा कि 12 साल पहले भारत की गिनती दुनिया की ‘फ्रैजाइल-5’ अर्थव्यवस्थाओं में होती थी और आज देश टॉप-5 में है। स्टार्टअप कभी कुछ हजार थे, अब ढाई लाख से ऊपर हैं। एम्स की संख्या छह से बढ़कर 23 हो गई है।
उन्होंने कहा कि एक वक्त भारत एक चिप के लिए भी दुनिया का मुँह देखता था। आज सेमीकंडक्टर की 12 से ज्यादा बड़ी इकाइयाँ या तो चालू हो चुकी हैं या उनमें भारी निवेश हो रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी हजारों करोड़ रुपए का सामान दूसरे देशों को बेचा जा रहा है।
12 वर्ष पहले का भारत, दुनिया के अंदर सबसे खराब अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था… हमारा भारत आज आर्थिक मोर्चे पर Top 5 में अपना स्थान बनाने में सफल हुआ है… #25YearsOfSeva https://t.co/beEiW9QS5c
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 7, 2026
CM योगी बोले- यूपी की बदली पहचान
योगी आदित्यनाथ ने अपने प्रदेश का हाल भी जनता के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से होती थी। आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ से होती है। कारीगरों और हस्तशिल्पियों को उद्यमी बनाने का काम चल रहा है।
संबोधन से पहले सीएम योगी ने ‘जन सेवा से देश सेवा’ प्रदर्शनी देखी, जिसमें यूपी में केंद्र की योजनाओं के अमल को दिखाया गया है। उन्होंने सेवा ज्योति की स्थापना भी की। कार्यकर्ताओं से कहा कि यह ज्योति अपने-अपने क्षेत्रों तक ले जाएँ और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प से लोगों को जोड़ें। मंच पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश पानी, बिजली, स्कूल, अस्पताल और कानून व्यवस्था में आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली में पीएम मोदी बोले- ‘मैं एंबिशन नहीं, मिशन के लिए जीता हूं’
दिल्ली में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह पड़ाव भी आएगा। चुनावी राजनीति में आने से पहले वे संगठन में रहे और आदिवासियों के बीच काम किया। उन्होंने कहा, “मैं एंबिशन के लिए नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान रहा हूँ।” उनका कहना था कि उनका आकलन इससे नहीं होना चाहिए कि वे कहाँ पहुँचे, बल्कि इससे होना चाहिए कि देश कहाँ पहुँचा।
भुज के भूकंप, चंद्रयान की नाकामी और कोरोना जैसे संकटों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हर मुश्किल ने कुछ सिखाया है। जो समर्थन में रहे, उन्होंने आगे बढ़ना सिखाया और जो आलोचक रहे, उन्होंने अपने भीतर झाँकना।
सुशासन पर उन्होंने कहा कि खेत में पानी न पहुँचे या घर में बिजली न आए तो परेशानी किसी एक जाति की नहीं होती। समस्या सबकी है, तो समाधान भी सबके लिए होना चाहिए। कोई पात्र योजना से छूटे नहीं और किसी के हक पर डाका न पड़े, यही उनके हिसाब से सैचुरेशन है।
We will do it! https://t.co/8hlrL3gOsY
— Narendra Modi (@narendramodi) October 7, 2026
पीएम मोदी ने दिया नया नारा- ‘वी विल डू इट’
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर नया नारा दिया। उन्होंने कहा, “विकसित भारत बाई 2047, वी विल डू इट। टॉप-3 इकोनॉमी, वी विल डू इट। आत्मनिर्भर भारत, वी विल डू इट।” भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने पीएम मोदी को आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।
उन्होंने तीन करोड़ लखपति दीदी, 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को सम्मान निधि और चार करोड़ गरीब परिवारों को पक्के घर का जिक्र किया। साथ ही ढाई लाख स्टार्टअप और 125 से ज्यादा यूनिकॉर्न का हवाला देकर कहा कि युवा अब नौकरी माँगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं। दिल्ली में संकल्प और लखनऊ में उसे जमीन पर उतारने का वादा, 25 साल के इस पड़ाव पर मोदी-योगी की जोड़ी का संदेश एक ही रहा: गाँव से चली यह यात्रा अब 2047 के लक्ष्य तक जानी है।

