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अब सुषमा स्वराज के नाम से जाना जाएगा प्रवासी भारतीय केंद्र: जयंती से पहले मोदी सरकार की घोषणा

विदेशी सेवा संस्थान का नाम सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस रखने का फैसला किया गया है। पिछले महीने हरियाणा सरकार ने अंबाला के बस अड्डे का नाम पूर्व विदेश मंत्री के नाम पर रखने की घोषणा की थी।

भारत सरकार ने प्रवासी भारतीय केंद्र और विदेशी सेवा संस्थान का नाम बदलकर दिवंगत सुषमा स्वराज के नाम पर रखने की घोषणा की है। 14 फरवरी को उनकी जयंती से ठीक पहले यह घोषणा की गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज घोषणा करते हुए कहा कि, सरकार ने प्रवासी भारतीय केंद्र का नाम सुषमा स्वराज भवन और विदेशी सेवा संस्थान का नाम सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस रखने का फैसला किया है। एक महान शख्सियत को दी गई श्रद्धांजलि हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

जयशंकर ने कहा, “हम सब सुषमा स्वराज को याद करते हैं, जो कल (14 फरवरी) 68 वर्ष की हो जाएँगी। विदेश मंत्रालय परिवार उन्हें विशेष रूप से याद करता है।” इस फैसले का स्वागत करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा कि मैं इस फैसले के लिए आपकी आभारी हूँ। वास्तव में यह सरकार द्वारा एक महिला को दी गई सच्ची श्रद्धांजलि है, उनको नेता के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा।

गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में ही सुषमा को विदेश मंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद दिया था। इस पद पर रहते हुए सुषमा ने विदेश में रह रहे भारतीयों की मदद की दिशा में सराहनीय कार्य किए थे। वह लोगों से ट्विटर के जरिए जरिये कनेक्ट रहती थीं और उनकी समस्या का समाधान करती थीं। 6 अगस्त 2019 को उनका निधन हो गया था। स्वराज को गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया था। पिछले महीने हरियाणा सरकार ने अंबाला के बस अड्डे का नाम सुषमा स्वराज के नाम पर रखने की घोषणा की थी। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया था कि 14 फरवरी को बस अड्डे का नया नामकरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सुषमा स्वराज ने जीवन के शुरुआती साल अंबाला में बिताए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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