Monday, March 8, 2021

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Sushma Swaraj

‘सुपरमॉम’ सुषमा का दिखाया रास्ता, जिस पर आगे बढ़कर परदेस में फँसी महिलाओं को बचा रहा विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्री के तौर पर सुषमा स्वराज की सक्रियता ने उन्हें 'सुपरमॉम' का तमगा दिलाया था। विदेश मंत्रालय आज भी उस रीति-नीति पर सक्रिय है।

उच्च कोटि का मादक पदार्थ लेते हैं The Print वाले, सुषमा स्वराज की तुलना सुब्रमण्यम स्वामी से करने पर कम से कम यही महसूस...

ऐसा लगता है कि The Print के लोग उच्चतम क्वालिटी का गाँजा ग्रहण करते हैं। शेखर गुप्ता के मीडिया के लेख इस बात के प्रमाण हैं।

सुपर मॉम जिसने कहा था- आप मंगल ग्रह पर फँस गए तो भी भारतीय दूतावास आपकी मदद करेगा

सुषमा स्वराज ने ट्विटर डिप्लोमेसी का दरवाजा खोला। उनके नेतृत्व में विदेश मंत्रालय दुनिया के हर कोने में मुसीबत में फॅंसे अपने नागरिकों तक पहुॅंचा। यही कारण है कि कोरोना वायरस के बाद वुहान से भारत ने अपने छात्रों को निकाला, लेकिन पाकिस्तानी छात्रों को वहॉं की सरकार ने उनके हाल पर छोड़ दिया।

अब सुषमा स्वराज के नाम से जाना जाएगा प्रवासी भारतीय केंद्र: जयंती से पहले मोदी सरकार की घोषणा

भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अमूल्य योगदान के लिए विदेश मंत्रालय ने 14 फरवरी को उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर इसकी घोषणा की है। इससे पहले स्वराज को गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया था।

बेटी की तरह की थी बीमार सुषमा स्वराज की देखभाल, ग्रेटर कैलाश से BJP प्रत्याशी हैं शिखा राय

शिखा राय को श्रीनगर में झंडा फहराने के बाद पुलिस कस्टडी में प्रताड़ित किया गया था। सुषमा स्वराज ने शिखा राय को लगभग 25 वर्षों तक अपने मार्गदर्शन में रखा। सुषमा स्वराज जब बीमार पड़ीं तो शिखा ने भी उनका एक बेटी की तरह दिन-रात देखभाल किया।

सुषमा स्वराज की आखिरी इच्छा पूरी, बेटी बाँसुरी ने हरीश साल्वे को दिया फीस का ‘एक रुपया’

सुषमा स्वराज का 67 साल की उम्र में निधन हो गया था। निधन से पहले उनका आखिरी ट्वीट 370 हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद का था। उन्होंने पिछले लोक सभा चुनाव से भी बाहर रहने की घोषणा की थी, जिसे उनका चुनावी राजनीति से संन्यास माना गया था।

जब अब्दुल्ला और कॉन्ग्रेस ने जेटली, सुषमा और अनंत को J&K की सीमा पर गिरफ़्तार करवाया था…

क्या आपको 2011 में आयोजित भाजपा की एकता यात्रा याद है? अब्दुल्ला-कॉन्ग्रेस सरकार ने न सिर्फ़ अनंत कुमार, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को J&K में घुसने से रोका बल्कि गिरफ्तार भी करवा लिया था। आज तीनों दिग्गज हमारे बीच नहीं रहे। आइए इतिहास में चलें 8 वर्ष पीछे।

रवीश जी, पत्रकार तो आप घटिया बन गए हैं, इंसानियत तो बचा लीजिए!

अनुभवी आदमी शब्दों को अपने हिसाब से लिख सकता है कि वो एक स्तर पर श्रद्धांजलि लगे, एक स्तर पर राजनैतिक समझ की परिचायक, और गहरे जाने पर वैयक्तिक घृणा से सना हुआ दस्तावेज। रवीश अनुभवी हैं, इसमें दोराय नहीं।

गीता को पाक से लाने वाली ‘सुपर मॉम’ जो जॉर्ज की हथकड़ी लगी तस्वीर लेकर पहुॅंची थी मुजफ्फरपुर

जब 1977 में जॉर्ज फर्नां​डीस ने जेल से लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा तो सुषमा ही दिल्ली से मुजफ्फरपुर पहुॅंचीं और हथकड़ियों में जकड़ी जॉर्ज की तस्वीर दिखा प्रचार किया। उन दिनों 'जेल का फाटक टूटेगा, जॉर्ज हमारा छूटेगा' का उनका दिया नारा सबकी ज़ुबान पर था।

सुषमा स्वराज: बेल्लारी की नायिका, जिसने कहा था-हॉं, हम साम्प्रदायिक हैं, क्योंकि धारा 370 हटाने की बात करते हैं

सुषमा स्वराज ने ट्विटर डिप्लोमेसी का दरवाजा खोला। ट्विटर पर सक्रिय रहते हुए लोगों की मदद करना इतना चर्चित हुआ कि वाशिंगटन पोस्ट ने उन्हें 'सुपरमॉम ऑफ द स्टेट' कहा। उनके देहांत के साथ ही भारतीय राजनीति का एक शालीन अध्याय समाप्त हो गया है।

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