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कॉन्ग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त पर, नेताओं से बोले कमलनाथ, कहा- फोकट का पैसा मिल रहा है, ले लेना

"मैं कहना चाहता हूँ कि एक तरफ बीजेपी सरकार कॉन्ग्रेस सरकारों के खिलाफ छापेमारी करने के लिए आयकर, ईडी और सीबीआई को खुली छूट दे रही है और दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस के विधायकों को खरीदने के लिए पैसे बाँट रही है।"

मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी कॉन्ग्रेस बीजेपी पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार (मार्च 2, 2020) को दावा भी किया कि भाजपा कॉन्ग्रेस विधायकों को अपने तरफ लाने के लिए लुभा रही है। हालाँकि, इसपर भाजपा ने अपनी ओर से बयान जारी किया और इन इल्जामों का खंडन किया। लेकिन सीएम कमलनाथ ने आज फिर इस मामले को उठाया और अपने नेताओं से ही कह दिया कि फोकट का पैसा मिल रहा है, ले लेना।

सीएम कमलनाथ ने मंगलवार को कहा, “विधायक ही कह रहे है मुझे, हमें इतना दिया जा रहा है, मैं तो विधायकों को कह रहा हूँ कि फोकट का पैसा मिल रहा है, तो ले लेना।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बीजेपी ने मध्य प्रदेश के कॉन्ग्रेस, बसपा, समाजवादी पार्टी के विधायकों को दिल्ली लाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। उन्होंने कहा, बसपा की विधायक श्रीमती राम बाई को क्या भाजपा पूर्व भूपेंद्र सिंह जी कल चार्टर फ्लाइट में भोपाल से दिल्ली नहीं लाए? शिवराज जी कुछ कहना चाहेंगे? लेकिन हमें श्रीमती राम बाई पर पूरा भरोसा है, वे कमलनाथ जी की प्रशंसक हैं और उनका समर्थन करती रहेंगी।

गौरतलब है कि इससे पहले राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सोमवार को संसद परिसर के अंदर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था, “मैं बीजेपी को चेतावनी देना चाहता हूँ कि यह कर्नाटक नहीं है। मध्य प्रदेश का एक भी कॉन्ग्रेस विधायक बिकने के लिए नहीं है।”

उन्होंने कहा था, “मैं कहना चाहता हूँ कि एक तरफ बीजेपी सरकार कॉन्ग्रेस सरकारों के खिलाफ छापेमारी करने के लिए आयकर, ईडी और सीबीआई को खुली छूट दे रही है और दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस के विधायकों को खरीदने के लिए पैसे बाँट रही है।”

दिग्विजय सिंह ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैंने कभी कोई आरोप नहीं लगाया। शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा दोनों में इस बात पर विवाद था कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। लेकिन अब यह तय हो गया है कि एक मुख्यमंत्री होगा और दूसरा उप मुख्यमंत्री। अपने सपनों को पूरा करने के लिए दोनों ने मिलकर विधायकों से संपर्क किया। यह बर्दाशत नहीं किया जाएगा।

बता दें कॉन्ग्रेस नेता का आरोप है कि दोनों नेताओं ने 15 साल तक राज्य को लूटा वे अब विपक्ष में बैठने के लिए तैयार नहीं है और खुलेआम पार्टी के विधायकों को 25-35 करोड़ का लालच दे रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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