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मलेशिया भागने की फिराक में थे 8 तबलीगी जमात के सदस्य, स्पेशल फ्लाइट में बैठने से पहले IGI एयरपोर्ट पर धराए

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए आठ मलेशियाई नागरिकों के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन अधिकारियों ने दबोच लिया। ये सभी एक विशेष उड़ान के जरिए देश से भागने की कोशिश कर रहे थे।

तबलीगी जमात से जुड़े लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए आठ मलेशियाई नागरिकों के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन अधिकारियों ने दबोच लिया। ये सभी एक विशेष उड़ान के जरिए देश से भागने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ये सभी लोग दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में छुपे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भारत में फँसे अन्य मलेशियाई नागरिकों को स्वदेश पहुँचाने के लिए मलेशियाई उच्चायोग द्वारा विशेष विमान की व्यवस्था की गई थी। इन 8 जमातियों ने इस विशेष उड़ान का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की।

मलेशिया के सभी आठ जमाती रविवार को भारत से मलेशिया जाने वाली मेलिंडो एयरवेज फ्लाइट पकड़ने वाले थे, लेकिन उन्हें फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया क्योंकि केंद्र सरकार ने सभी राज्य पुलिस फोर्स को निर्देश दिया है कि वे उन विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लिया था। सरकार ने पर्यटक वीजा पर भारत आकर तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए विदेशी नागरिकों के देश छोड़ने पर पाबंदी लगा रखी है।

सरकार ने पहले ही वीजा नियमों के उल्लंघन को लेकर तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले 960 विदेशियों को काली सूची में डालते हुए उनका वीजा रद्द कर दिया है। पकड़े गए आठ मलेशियाई नागरिकों को इमीग्रेशन अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी को क्वारंटाइन में रखा जाएगा।

बता दें कि 21 दिनों के लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में रहने वाले 2300 से अधिक जमातियों के पाए जाने के बाद विदेशी तबलीगी जमात के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। इन 2300 जमातियों में से तकरीबन 250 विदेशी थे। तबलीगी जमात का यह मजहबी कार्यक्रम कोरोना वायरस के प्रसार का बड़ा कारण बना। पिछले महीने निजामुद्दीन मरकज के मजहबी सभा में कम से कम 9,000 लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसके बाद कई लोग मजहब के प्रचार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा कर चुके हैं।

इस मजहबी सभा में 41 देशों के नागरिकों ने हिस्सा लिया था। जिसमें 379 इंडोनेशिया के, 110 देश बांग्लादेश के, 77 किर्गिस्तान के, 75 मलेशिया के, 65 थाई के, 63 म्यांमार के और 33 श्रीलंका के नागरिक शामिल थे। देश में अब तक 400 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस और लगभग 15 मौतें निजामुद्दीन मरकज से जुड़ी हुई पाई गईं हैं।

गृह मंत्रालय ने इनके खिलाफ विदेशी कानून और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों से भी पूछा था कि ये विदेशी फिलहाल कहाँ रह रहे हैं। गृह मंत्रालय ने बताया था कि 1 जनवरी से लेकर अब तक लगभग 2,100 विदेशी भारत आए हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में तबलीगी गतिविधियों में शामिल हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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