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5 लाख गाँव में जाएँगे स्वयंसेवक, 10 करोड़ परिवार से करेंगे संपर्क: RSS ने बताया राम मंदिर के लिए कैसे जुटाएगा चंदा

“5 अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन होने के बाद देश भर के लोग यही चाहते हैं कि भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। हमारे स्वयंसेवक देश भर के 5 लाख गाँवों में जाकर इसके लिए आर्थिक सहयोग इकट्ठा करेंगे। इस बीच हम 10 करोड़ परिवारों से सीधे संपर्क करेंगे।"

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा ऐलान किया है। ऐलान के मुताबिक़ वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए 5 लाख गाँवों में स्वयंसेवकों को भेजेगा। यह निर्णय गुजरात में 5 से 7 जनवरी तक चली संघ की राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में संघ के तमाम अनुषांगिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के पहले दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे। 

संघ के वरिष्ठ अधिकारी कृष्ण गोपाल ने कहा, “5 अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन होने के बाद देश भर के लोग यही चाहते हैं कि भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। हमारे स्वयंसेवक देश भर के 5 लाख गाँवों में जाकर इसके लिए आर्थिक सहयोग इकट्ठा करेंगे। इस बीच हम 10 करोड़ परिवारों से सीधे संपर्क करेंगे। हमारा प्रयास होगा कि हमें हर एक परिवार से पूरा सहयोग प्राप्त हो। राम मंदिर निर्माण के लिए कम से कम सहयोग राशि 10 रुपए होगी। जो लोग इससे अधिक आर्थिक सहयोग करने की इच्छा रखते हैं वह 100 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का आर्थिक सहयोग कर सकते हैं। समृद्ध वर्ग से आने वाले लोग अपनी इच्छानुसार इससे अधिक आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।”        

संघ की बैठक में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता और राम मंदिर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेट्री चम्पत राय भी शामिल हुए। इसके पहले विश्व हिन्दू परिषद ने राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग इकट्ठा करने के लिए बड़ा अभियान चलाने का ऐलान किया था। संघ और विश्व हिन्दू परिषद का यह अभियान संभावित तौर पर 15 जनवरी से शुरू होगा। इस पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेट्री चम्पत राय ने कहा था, “जो राम भक्त अपनी इच्छा से आर्थिक सहयोग करना चाहते हैं उनके लिए 10,100 और 1000 रुपए के कूपन उपलब्ध कराए जाएँगे।” 

संघ की इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पश्चिम बंगाल चुनाव और कृषि सुधार क़ानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।        

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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