पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की आंतरिक लड़ाई थमती नजर नहीं आ रही है। पार्टी सांसद शताब्दी रॉय ने अब बागी तेवर दिखाए हैं। वहीं भाजपा महासचिव और बंगाल के पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने 41 टीएमसी विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया है।
विजयवर्गीय ने कहा, “बंगाल में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी से सत्ता कभी भी छूट सकती है। हमारे पास तृणमूल कॉन्ग्रेस के लगभग 41 विधायकों की सूची है, जो भाजपा के संपर्क में हैं और पार्टी बदलने के लिए तैयार हैं। अगर हमने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लिया तो ममता बनर्जी की सरकार किसी भी समय गिर जाएगी। लेकिन हम उन नामों की पड़ताल कर रहे हैं क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि कोई नकारात्मक पृष्ठिभूमि का व्यक्ति हमारी पार्टी का हिस्सा बने। ममता जी की पतंग तो कटेगी 100%, क्योंकि हमने इतनी ढील दी है। अब तो एक हाथ खींचेंगे और सरकार गिर जाएगी। इसलिए हमें विश्वास है कि ममता जी की पतंग तो गई।”
इधर टीएमसी सांसद और अभिनेत्री शताब्दी रॉय ने फेसबुक पर जनता के नाम पोस्ट लिख कर अपना दुःख और पार्टी के प्रति गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “मेरे निर्वाचन क्षेत्र बीरभूम के लोगों का 2021 बहुत अच्छे बीते, लोग स्वस्थ रहें। मेरा पार्टी के साथ गहरा रिश्ता रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से लोग मुझसे लगातार पूछ रहे हैं मैं कार्यक्रमों में क्यों नहीं नज़र आती हूँ? मैं उन्हें बताना चाहती हूँ कि मुझे लोगों से मिलना और उनके बीच रहना पसंद है लेकिन तमाम ऐसे लोग हैं ये नहीं चाहते हैं।”
शताब्दी रॉय ने उन लोगों के नाम का खुलासा नहीं किया है लेकिन इतना ज़रूर कहा है कि वह 16 जनवरी दोपहर दो बजे स्पष्ट करेंगी कि उनका अगला कदम क्या होगा।
इस बीच विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मद्देनज़र रखते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, अमिताव चक्रवर्ती, मुकुल रॉय और संगठन के अन्य नेता केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक के लिए दिल्ली का दौरा करेंगे। फ़िलहाल इस बैठक के एजेंडे को लेकर जानकारी स्पष्ट नहीं है लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा होगी। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल के चुनाव संभावित तौर पर अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकते हैं।


