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अब MLA दीपक हलदर ने TMC से दिया इस्तीफा, कहा- जनता के लिए काम नहीं कर पा रहा

“मैं दो बार विधायक रह चुका हूँ। लेकिन 2017 के बाद से मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं जनता के लिए काम नहीं कर पा रहा हूँ। शीर्ष नेतृत्व को इस बारे में सूचित करने के बावजूद कोई बदलाव नज़र नहीं आया।"

पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) में भगदड़ मची हुई है। इसकी शुरुआत बीते दिसंबर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से हुई। अब डायमंड हार्बर से दो बार के विधायक दीपक हलदर ने टीएमसी को झटका दिया है। सोमवार (1 फरवरी 2021) को उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ हलदर ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफ़ा स्पीडपोस्ट (speedpost) की मदद से पार्टी कार्यालय को भेजा। सोमवार दोपहर उनका इस्तीफ़ा कोलकाता के टोप्सिया स्थित पार्टी मुख्यालय ‘तृणमूल भवन’ पहुँच गया।

हलदर ने एक मीडिया समूह से बात करते हुए कहा, “मैं दो बार विधायक रह चुका हूँ। लेकिन 2017 के बाद से मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं जनता के लिए काम नहीं कर पा रहा हूँ। शीर्ष नेतृत्व को इस बारे में सूचित करने के बावजूद कोई बदलाव नज़र नहीं आया। मुझे किसी पार्टी कार्यक्रम के बारे में सूचित नहीं किया जाता है। मेरी अपने क्षेत्र और अपने लोगों के प्रति जवाबदेही है, इसलिए मैंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है। बहुत जल्द मैं पार्टी के जिलाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को भी अपना इस्तीफ़ा भेजूँगा।” 

दीपक हलदर ने अपने भविष्य को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वह मंगलवार (2 फरवरी 2021) को बरुईपुर में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ हलदर पिछले काफी समय से संगठन से नाराज़ चल रहे थे और सार्वजनिक रूप से नेतृत्व की आलोचना करते थे। 2015 के दौरान दीपक हलदर को पार्टी से निलंबित किया गया था, जब एक कॉलेज में छात्रों के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच टकराव में शामिल होने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कुछ समय बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। 

इसके पहले टीएमसी के 6 विधायकों ने 72 घंटों के भीतर भाजपा का दामन थाम लिया था। पश्चिम बंगाल के पूर्व वन मंत्री राजीब बनर्जी, बाली से तृणमूल विधायक बैशाली डालमिया, उत्तरपारा विधायक प्रबीर घोषाल, हावड़ा मेयर रथिन चक्रवर्ती और पूर्व विधायक सारथी चटर्जी भाजपा में शामिल हुए थे। 

5 जनवरी 2021 को पश्चिम बंगाल युवा सेवा और खेल मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने भी पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। हालाँकि वह बतौर विधायक अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। कुला मिला कर तृणमूल कॉन्ग्रेस के कुल 17 विधायकों और 1 सांसद ने पार्टी का दामन छोड़ा है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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