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‘एंटिलिया के सामने जो बम रखा गया, उसे शिवसेना नेता ने खरीदा था’ – NIA से सचिन वाजे

प्रदीप शर्मा... महाराष्ट्र पुलिस का एक छोटा अधिकारी लेकिन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट। नौकरी छोड़ शिवसैनिक बना। 2019 के विधानसभा चुनावों में नालासोपाड़ा से बतौर शिवसेना प्रत्याशी भी... और संपत्ति 36.21 करोड़ रुपए की!

एंटिलिया केस में पूछताछ के दौरान मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी व मामले में आरोपित, सचिन वाजे ने NIA के सामने चौंकाने वाला खुलासा किया है। वाजे ने NIA को बताया कि नालासोपाड़ा से शिवसेना प्रत्याशी व पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने जिलेटिन की छड़ें खरीदी थीं।

बता दें कि इससे पहले पूर्व पुलिस कमिश्नर परबीर सिंह के साथ पूछताछ के बाद 7 अप्रैल को प्रदीप शर्मा को भी NIA ऑफिस पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

दरअसल, एटीएस ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि मनसुख हिरेन ने अंधेरी ईस्ट से अंतिम कॉल किया था और उसके बाद उसका मोबाइल फोन स्वीच ऑफ हो गया था। अब चूँकि अंधेरी ईस्ट में ही प्रदीप शर्मा रहते हैं, इस वजह से वह एटीएस और अब एनआईए के शक के घेरे में थे।

मालूम हो कि प्रदीप शर्मा ने साल 2019 के विधानसभा चुनावों के दौरान शिवसेना का हाथ थामा था और वह नालासोपाड़ा से बतौर शिवसेना प्रत्याशी चुनाव भी लड़ चुके हैं। साल 2019 में ही जब शिवसेना ने प्रदीप शर्मा को कैंडिडेट बनाया था, तब 36.21 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा इन्होंने दिया था।

सचिन वाजे की चिट्ठी में आया शरद पवार का भी नाम

इस पूरे मामले में पुलिस के सस्पेंड हो चुके अधिकारी सचिन वाजे की बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को मीडिया में कथित चिट्ठी सामने आई थी। इसमें सचिन वाले ने महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के कई नेताओं पर आरोप लगाए हुए हैं। इसमें एनसीपी प्रमुख पवार का भी नाम है।

चिट्ठी में सचिन वाजे ने आरोप लगाया है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने उन्हें नौकरी पर वापस रखने के बदले 2 करोड़ रुपए माँगे थे। चिट्ठी में सचिन वाजे ने कहा कि शरद पवार उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखना चाहते थे, लेकिन अनिल देशमुख ने उनसे कहा कि वो शरद पवार को मना लेंगे लेकिन उसके लिए दो करोड़ रुपए देने होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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