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भाजपा सांसद रंजीता कोली पर राजस्थान में ईंट और रॉड से हमला, बेहोश हालत में पहुँचाई गईं अस्पताल

हमला इतना भयावह था कि सांसद अचेत होकर बेहोश हो गईं। पुलिस से संपर्क किया गया पुलिस को घटनास्थल तक पहुँचने में 45 मिनट लग गए। जिले के DM को लगातार फोन करने के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।

राजस्थान के भरतपुर में भाजपा सांसद रंजीता कोली पर गुरुवार (मई 27, 2021) को रात के समय अज्ञात बदमाशों ने हमला किया। हमले के समय रंजीता धरसोनी गाँव में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का दौरा करने पहुँची थी। हमले के बाद की तस्वीरों में देख सकते हैं कि उनकी गाड़ी के शीशे टूटे पड़े हैं और सीट पर ईंट-पत्थर भी दिख रहे हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सांसद रंजीता कोली ने बताया कि रात को करीब 11.30 बजे 5-6 लोगों ने उनकी कार पर हमला करते हुए पत्थरबाजी की। रंजीता कोली ने कहा कि वह जिले के सभी अस्पतालों का निरीक्षण करती हैं ताकि कोविड पॉजिटिव मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है, मगर पुलिस इस पूरे मामले की जाँच करेगी।

रंजीता कोली के ट्विटर अकॉउंट से इस हमले की एक वीडियो शेयर की गई है। वीडियो में लिखा है, “आज रात भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल का निरीक्षण करने के बाद सीएचसी वैर का निरीक्षण करने जा रहीं भरतपुर सांसद रंजीता कोली के काफिले पर धरसोनी गाँव के समीप हथियार बंद बदमाशों द्वारा हमला किया गया।”

सासंद की टीम ने ट्विटर पर बताया कि हमला इतना भयावह था कि सांसद अचेत होकर बेहोश हो गईं। पुलिस से संपर्क किया गया परंतु पुलिस को घटनास्थल तक पहुँचने में 45 मिनट लग गए। वहीं दूसरी ओर भरतपुर डीएम को लगातार फोन करने के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। 

जानकारी के अनुसार रंजीता को गुरुवार रात हुए इस हमले में ज्यादा चोट नहीं आई है। हमलावर एक कार में आए थे। उन्होंने सांसद रंजीता कोली की कार को रोका और फिर पत्थरबाजी करने लगे। इस हमले में सरिए से कार की खिड़की के शीशे तोड़ दिए गए। जिसके बाद सांसद बेहोश हो गईं और उन्हें व उनके सहयोगियों को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोटें न होने के कारण उनको बाद में डिस्चार्ज मिल गया।

बता दें कि रंजीता कोली भरतपुर से पहली बार सांसद बनी हैं, जबकि उनके ससुर गंगाराम कोली तीन बार सांसद रह चुके हैं। सांसद रंजीता कोली ने बताया कि कोरोना के दौरान वह रोजाना जिले के सभी अस्पतालों की व्यवस्था को देखने के लिए निरीक्षण करती हैं, जिससे आमजन को समय पर इलाज मिल सके। वह कहती हैं कि उनकी किसी से भी रंजिश नहीं है, लेकिन अब इस पूरे मामले की जाँच पुलिस करेगी। उनका कहना है की यदि सुरक्षा गार्ड नहीं होते तो शायद आज वह जिंदा नहीं होती।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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