Homeदेश-समाजलाल साड़ी पहने किचन में पंखे से लटकी मिली हिरोइन: चेन्नई में यौन शोषण...

लाल साड़ी पहने किचन में पंखे से लटकी मिली हिरोइन: चेन्नई में यौन शोषण का केस, गोवा में मिली कंचना-3 फेम एलेक्जेंड्रा जावी की लाश

2019 में मॉडल एलेक्जेंड्रा जावी ने चेन्नई में एक फोटोग्राफर पर यौन शोषण का केस दर्ज कराया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

रूसी मॉडल एलेक्जेंड्रा जावी (24) का शव गोवा में एक फ्लैट से मिली है। राघव लॉरेंस की तमिल फिल्म कंचना-3 से प्रसिद्ध हुई जावी यहाँ किराए के फ्लैट में ब्वायफ्रेंड के साथ रहती थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, लाल रंग की साड़ी पहनी हुई अभिनेत्री का शव किचेन में लटका हुआ था।

कुछ रिपोर्ट के मुताबिक, ब्वॉयफ्रेंड से ब्रेकअप होने के बाद से जावी काफी परेशान रहती थीं और स्ट्रेस को कंट्रोल करने के लिए वो दवाइयाँ भी लेती थीं। पुलिस को एलेक्जेंड्रा के शव के आसपास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिर भी शुरुआती तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या का केस मानकर चल रही है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने किचेन में लगे सीलिंग फैन से लटककर जान दे दी। वहीं जब मौके पर उसका ब्वायफ्रेंड पहुँचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने इस मामले में किसी भी तरह के फाउल प्ले से इनकार किया है।

24 वर्षीय रूसी अभिनेत्री की मौत के बाद गोवा पुलिस ने शव मॉर्चरी में ऱखवा दिया है। अब प्रशासन को रूसी वाणिज्य दूतावास से NOC मिलने का इंतजार है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, एक्ट्रेस के ब्वॉयफ्रेंड का बयान लेकर जाँच शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2019 में मॉडल एलेक्जेंड्रा जावी ने चेन्नई में एक फोटोग्राफर पर यौन शोषण का केस दर्ज कराया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्ष 2019 के मामले में अब चेन्नई पुलिस ने गोवा पुलिस का सहयोग करने की बात कही है। वहीं रूसी वाणिज्य दूतावास में गोवा के प्रतिनिधि एडवोकेट विक्रम वर्मा ने उक्त फोटोग्राफर के खिलाफ जाँच करने की माँग पुलिस से की है। ताकि मामले में उसकी भूमिका को जाँचा जा सके।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -