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महिला एंकर ने हिजाब पहन कर किया लाइव शो, तालिबान के समर्थन में पागल हुआ Pak: रैलियाँ निकाल कर तारीफ़ में पढ़े कसीदे

तालिबान के समर्थन में बोलते हुए लाइव टीवी पर किरण नाज़ ने कहा, “मैं आज के शो में हिजाब पहनकर बैठूँगीं और आज का शो मैं हिजाब के साथ करूँगी।”

अफगानिस्तान की जनता तो तालिबान के खिलाफ सड़कों पर है, लेकिन पाकिस्तान के लोगों में धीरे-धीरे तालिबान का रंग चढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान की सरकार तालिबान के गले में फूलों का हार पहना रही है तो पाकिस्तान के अलग अलग इलाकों में तालिबान के समर्थन में रैलियाँ निकाली जा रही हैं और अब तालिबान के समर्थन में पाकिस्तान की एक मशहूर टीवी एंकर ने लाइव शो के दौरान हिजाब पहन लिया।

पाकिस्तानी एंकर ने पहना हिजाब

पाकिस्तान में अलग अलग तरीकों से तालिबान के समर्थन में कसीदे पढ़े जा रहे हैं और खुद प्रधानमंत्री इमरान खान तालिबान के समर्थन में निकलने वाली रैलियों के मुख्य नेता हैं। पाकिस्तान की मशहूर टीवी एंकर किरन नाज़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वो लाइव शो में हिजाब पहनती नजर आ रही हैं। 

वीडियो में दिख रहा है कि किरण नाज न्यूज पढ़ते हुए तालिबान की तारीफ कर रही हैं और उनके बगल में हिजाब रखा हुआ है। कुछ देर तक तालिबान की शान में कसीदे पढ़ने के बाद किरण नाज बगल में रखा हुआ हिजाब उठाती हैं और उसे टीवी पर पहन लेती हैं। किरण नाज ने हिजाब पहनकर उन लोगों के नाम गिनाने शुरू किए, जिन्होंने शोहरत हासिल की है और जो हिजाब पहनती हैं।

किरण नाज ने क्या कहा?

तालिबान के समर्थन में बोलते हुए लाइव टीवी पर किरण नाज़ ने कहा, “मैं आज के शो में हिजाब पहनकर बैठूँगीं और आज का शो मैं हिजाब के साथ करूँगी।” फिर किरण नाज़ ने लाइव टीवी के दौरान हिजाब पहन लिया और फिर उन्होंने कहा, ”हिबाज पहनने वाली औरतें भी इसी तरह से नॉर्मल होती हैं, जैसा की हिजाब नहीं पहनने वालीं। इसे पहनने के बाद ना मेरे लफ्जों में कोई कमी आएगी, ना ही मरी सोच में तब्दीली आएगी।” इसके बाद पाकिस्तान की एंकर ने मिसालें देनी शुरू कर दी।

दरअसल लाइव शो में पाकिस्तान के प्रोफेसर परवेज हूडभोय बता रहे थे कि अब यूनिवर्सिटी में भी सब कुछ नॉर्मल नहीं है, लड़कियों को हिजाब पहनने को कहा जा रहा है। इसके जवाब में एंकर ही हिजाब के बचाव में उतर गई। वीडियो के मुताबिक कायदे आजम यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे परवेज हुडभोय ने कहा था, “मैंने साल 1973 से पढ़ाना शुरू किया, तब 47 साल पहले एक लड़की भी आपको बमुश्किल बुर्के में दिखाई देती थी। अब तो हिजाब बुर्का आम हो गया है। अब तो नॉर्मल लड़की तो दिखाई ही नहीं देती है और जब वो क्लास में बैठती हैं हिजाब में बुर्के में लिपटी हुईं तो उनकी एक्टिविटी क्लास में बहुत घट जाती है। यहाँ तक कि पता ही नहीं चलता कि वो क्लास में है या नहीं”

तालिबान के रंग में रंगा पाकिस्तान

किरण नाज़ पाकिस्तान की कोई पहली जर्नलिस्ट नहीं हैं, जिन्होंने तालिबान का समर्थन किया है। पाकिस्तानी मीडिया का एक बड़ा हिस्सा लगातार तालिबान को समर्थन दे रहा है और तालिबान का आना पाकिस्तान के लिए अच्छा बता रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान खुद तालिबान की काफी समर्थन कर चुके हैं और उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया था कि ‘तालिबान ने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ा है’। 

वहीं, इसी हफ्के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हक्कानी नेटवर्क का भी बचाव किया है और उन्होंने हक्कानी नेटवर्क को ‘सीधी-साधी जनजाति’ का हिस्सा बता दिया। जिसके बाद पूरी दुनिया में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की आलोचना हो रही है और उनका मजाक उड़ाया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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