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किसानों के साथ मिल गए अब पंजाब रेजिमेंट के सैनिक, कर रहे सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन (वीडियो भी वायरल) – Fact Check

टिकरी अपडेट्स द्वारा शेयर की गई वीडियो पर मेजर मणिक एम जॉली ने रिप्लाई दिया है। उन्होंने इस वीडियो के पीछे बुनी गई कहानी को झूठा करार देते हुए बताया कि वीडियो उस समय की है जब बटालियन लद्दाख से अपने नए पीस लोकेशन पर आ रही थी।

कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वाले कथित किसान अपने आंदोलन का प्रचार करने के चक्कर में भारतीय सैनिकों के नाम इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमें कई जवान एक जगह इकट्ठा होकर नारेबाजी कर रहे थे। इस वीडियो को टिकरी अपडेट्स ने शेयर किया और कहा कि भारतीय सेना किसानों के साथ है। शांति प्रदर्शन के नारे भारतीय सेना अधिकारियों ने भी लगाए।

अब जिस वीडियो को लेकर टिकरी अपडेट्स ने ये दावा किया है। उसमें बहुत सारे सिख जवान व अन्य आर्मी अधिकारी खड़े हैं और सभी वाहे गुरु जी दा खालसा वाहे गुरु जी दी फतह बोल रहे हैं। इसके बाद किसान मजदूर एकता जिंदाबाद कहा जाता है। फिर सभी मौजूद लोग एक दूसरे को देख मुस्कुराते भी हैं। वीडियो को देख पता लगता है कि ये कोई आंदोलन वाला माहौल नहीं है। लेकिन फिर भी कई लोग इसे ये कहकर शेयर करते हैं कि सेना ने किसान प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है।

दिलचस्प बात यह है कि टिकरी अपडेट्स द्वारा शेयर की गई वीडियो पर मेजर मणिक एम जॉली ने रिप्लाई दिया है। उन्होंने इस वीडियो के पीछे बुनी गई कहानी को झूठा करार देते हुए बताया कि वीडियो उस समय की है जब बटालियन लद्दाख से अपने नए पीस लोकेशन पर आ रही थी। तब यूनिट मनाली से रोपड़ जा रही थी जहाँ वह अपने पुराने सैनिकों से मिलने के लिए रुकी थी। इसका किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। कृपया करके राजनैतिक लाभ के लिए सेना को न बदनाम करें।

समाचार एजेंसी एएनआई ने भी भारतीय सेना अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर ये कहकर शेयर हो रही है कि उसमें भारतीय सेना के जवान किसान प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं, वो गलत है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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