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कोच ने ही की पहलवान निशा और उनके भाई की हत्या, छेड़खानी के विरोध पर हुई घटना: ‘सुशील कुमार एकेडमी’ में ले रही थीं ट्रेनिंग

घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने एकेडमी पर धावा बोल दिया। उन्होंने वहाँ जमकर तोड़फोड़ की। इसके अलावा ट्रैक्टर से टक्कर मारकर एकेडमी की इमारत को ढहा दिया और वहाँ आग लगा दी गई।

हरियाणा को सोनीपत में अंडर-23 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली राष्ट्रीय स्तर की पहलवान निशा दहिया और उनके भाई की हत्या की न्यूज फर्जी है। वो जिंदा हैं और गोंडा में सीनियर नेशनल खेल रही हैं। लेकिन जिस कुश्ती खिलाड़ी की हत्या हुई उसका नाम भी निशा ही है और वह भी विश्वविद्यालय स्तर की खिलाड़ी थीं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक कुश्ती खिलाड़ी निशा (22) जूनियर रेसलर थीं। वो सोनीपत के हलालपुर गाँव के बाहर स्थित सुशील कुमार कुश्ती एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही थीं। निशा की हत्या के पीछे कारण बताया जा रहा है कि उसका कोच पवन उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था, जिसका पीड़िता ने विरोध किया। विरोध से नाराज कोच ने पीड़िता की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके घर फोन कर शव को वहाँ से ले जाने को कहा।

मौके पर जब पीड़िता की माँ और उसका भाई पहुँचे तो उनपर भी जानलेवा हमला किया गया। आरोपितों ने पीड़िता के छोटे भाई सूरज (18) और उसकी माँ को भी गोली मार दी। इस वारदात में पीड़िता के अलावा उसके छोटे भाई की भी मौत हो गई है, जबकि माँ गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हैं और उनका पीजीआई रोहतक में इलाज चल रहा है।

साभार: दैनिक जागरण

घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने एकेडमी पर धावा बोल दिया। उन्होंने वहाँ जमकर तोड़फोड़ की। इसके अलावा ट्रैक्टर से टक्कर मारकर एकेडमी की इमारत को ढहा दिया और वहाँ आग लगा दी गई। पुलिस ने पीड़िता की माँ की शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद आरोपितों समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल घटना के बाद से आरोपित कोच पवन, पत्नी और बच्चों समेत फरार हो गया है।

साभार: दैनिक भास्कर

फिलहाल, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुरक्षा के नाजुक हालात को देखते हए गाँव में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले निशा दहिया की हत्या की खबर सामने आने के बाद अधिकतर न्यूज चैनलों ने ये समझा की नेशनल लेवल की पहलवान निशा दहिया की हत्या हुई। इस खबर को भी चलाया गया, लेकिन बाद में निशा ने सामने आकर खुद के जिंदा होने का सबूत दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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