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अब सेना में कोर ऑफ़ मिलिट्री पुलिस में महिलाएँ जवानों के रूप में होंगी शामिल

अभी तक महिलाएँ सेना में सिर्फ अधिकारी के पद पर, वो भी कुछ सीमित शाखाओं जैसे, मेडिकल, कानूनी, शैक्षणिक, सिग्नल और इंजीनियरिंग जैसी चुनिंदा शाखाओं में ही प्रवेश कर पाती थीं।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतरमण ने सेना के मिलिट्री पुलिस कोर्प्स में महिला जवानों को शामिल करने के निर्णय को मंजूरी दे दी है। पूरी प्रक्रिया के तहत 20% महिलाएँ शामिल की जाएँगी।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (जनवरी 18,2019) को कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों में अपना प्रतिनिधित्व बढ़ाने के उद्देश्य से सैन्य पुलिस में महिलाओं को शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

अभी तक महिलाएँ सेना में सिर्फ अधिकारी के पद पर, वो भी कुछ सीमित शाखाओं जैसे, मेडिकल, कानूनी, शैक्षणिक, सिग्नल और इंजीनियरिंग जैसी चुनिंदा शाखाओं में ही प्रवेश कर पाती थीं।

महिलाओं को सेना के सैन्य पुलिस के कुल कोर का 20% शामिल करने के लिए एक श्रेणीबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्री के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस खबर की घोषणा की गई।

इस साल सेना दिवस पर, महिलाओं ने इतिहास में पहली बार एक महिला, लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी ने समस्त पुरुष सेना की टुकड़ी की परेड की, जिसमें 144 पुरुष शामिल थे।

एक अन्य पहल में, एक महिला अधिकारी ने सेना की ‘डेयरडेविल्स मोटरसाइकिल डिस्प्ले’ टीम का नेतृत्व करते हुए मेहमानों को सलामी दी। कप्तान शिखा सुरभि ने 33 पुरुषों की टीम का नेतृत्व किया।

इस निर्णय के अनुसार, महिलाओं को सैन्य पुलिस के कुल कोर का 20% शामिल करने के लिए एक श्रेणीबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा। उनकी भूमिका बलात्कार और छेड़छाड़ के मामलों की जांच करने से लेकर सेना की सहायता के लिए जहां भी आवश्यकता होगी। इसे सेना में लैंगिक समानता की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

इस महीने की शुरुआत में, राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा था कि सेना के पास महिलाओं के रूप में 3.80% कर्मचारी हैं, वायु सेना के पास 13.09% और नौसेना में 6% हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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