विषय: Nirmala Sitharaman

रघुराम राजन

आर्थिक गड़बड़ी 2007-08 (मनमोहन-सोनिया की UPA सरकार) के गलत कर्जों से शुरू हुई: रघुराम राजन

"बैंकों के फँसे कर्जों के संकट (एनपीए क्राइसिस) के बीज 2007-08 में पड़ गए थे। तब मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी की कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार सत्ता में थी। इस काल खंड में बहुत सारे खराब कर्ज बाँटे गए, आज इनकी साफ़-सफाई होना विकास के लिए ज़रूरी है।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

मनमोहन और रघुराम राजन के दिनों की बैंकिंग ने सब बर्बाद किया: निर्मला सीतारमण

सीतारमण ने कहा कि राजन के समय में बैंक कर्जों में बहुत समस्याएँ थीं। राजन के ही RBI प्रमुख रहते भ्रष्ट नेताओं के फ़ोन कॉल से क़र्ज़ मिल जाया करते थे। बैंकों को उस दलदल से निकलने के लिए सरकार से पूँजी ले-ले कर काम चलाना पड़ रहा है।
राहुल गाँधी, येचुरी

Howdy Modi के लिए वित्त मंत्री ने 1.4 लाख करोड़ रुपए का डाल दिया बोझ: राहुल और येचुरी ने लगाया आरोप

"अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम से पहले ये ऐलान किए गए हैं, यानी सट्टेबाजों को छूट देने की तैयारी है। आज़ादी के बाद हिन्दुस्तान सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। हमारे पास संवेदनहीन सरकार और सकर्कस देखने के अलावा और कुछ उपलब्ध नहीं है।"
निर्मला सीतारमण

मोदी सरकार के दम से बाजार बम-बम, 1800 अंक चढ़ा सेंसेक्स, 10 साल में पहली बार

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के सेंसेक्स ने नया रिकॉर्ड बनाया। सेंसेक्स में एक दिन में 1800 से ज्यादा अंकों की उछाल देखी गई। ऐसा इससे पहले करीब 10 साल पहले देखा गया था। निफ्टी 11 हजार के पार पहुॅंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ है।
निर्मल सीतारमण

हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को ₹20,000 करोड़ की सौगात, अर्थव्यवस्था में दिखे सुधार के संकेत

बैंकों के विलय और विदेशी निवेशकों को राहत के बाद अब सरकार ने एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए क़दम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि महंगाई दर नियंत्रण में है। RBI को खुदरा महंगाई दर 2% से 6% के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया गया है।
निर्मला सीतारमन

अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उठाए कई जरूरी कदम

“हम प्री-फिल्ड आईटी रिटर्न की तरफ बढ़ रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था का मोमेंटम खत्म नहीं हुआ है। हमारे लिए ग्रोथ का एजेंडा सबसे ऊपर है। इसके साथ ही ESIC मे भी राहत का ऐलान किया है। अधिग्रहण-विलय के लिए आसानी से अनुमति मिल रही है।"
निर्मला सीतारमण

स्वच्छ भारत, समृद्ध भारत: बजट में मोदी सरकार ने पेश किया दशक का एजेंडा

औद्योगिक गलियारों के बनने से उद्योग की संभावना वाले क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक निवेश आने से इन्फ्रास्ट्रक्चर का बेहतर विकास होगा, समर्पित माल भाड़ा गलियारों से हमारे रेल नेटवर्क पर बोझ घटेगा, जिससे आम आदमी को लाभ होगा। भारतमाला कार्यक्रम से राष्ट्रीय सड़क गलियारों और राजमार्गों के विकास में मदद मिलेगी, जबकि सागरमाला से बंदरगाहों को जोड़ने और उनके आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी।
निर्मला सीतारमण

मोदी 2.0 का पहला बजट: गाँव, गरीब और किसान पर फोकस

मोदी सरकार की दो प्रमुख योजनाओं उज्जवला और सौभाग्य योजना के कारण ग्रामीण परिवारों के जीवन में नाटकीय बदलाव आया है और उनका जीवन आसान हुआ है। बीते पाँच साल में सात करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार का लक्ष्य 2022 तक सभी को घर मुहैया कराना है। शौचालय, बिजली और एलपीजी कनेक्शन के साथ उपलब्ध कराए जा रहे ऐसे 1.54 करोड़ घर गॉंवों में बनाए गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 2022 तक 1.95 करोड़ और घर बनाए जाएँगे।

BJP में शामिल हुए सेना के 7 रिटायर्ड अधिकारी, रक्षा मंत्री ने दिलाई सदस्यता

लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव, लेफ्टिनेंट जनरल आर एन सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल एस के पटयाल, लेफ्टिनेंट जनरल सुनीत कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली, कर्नल आर के त्रिपाठी और विंग कमांडर नवनीत मेगन ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
शशि थरूर, निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण ने जो किया, वो आजम खान जैसों के मुँह पर ‘तमाचा’ है – शशि थरूर ने भी किया सैल्यूट!

दोनों नेताओं की पार्टी के मध्य अनेकों मतभेदों के बाद भी निर्मला सीतारमण का थरूर से मिलना उन्हें भावुक कर गया। उन्होंने ट्विटर पर अपनी तस्वीर को साझा करने के साथ कहा कि राजनीति में शिष्टाचार एक दुर्लभ गुण है।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

DAC ने उठाया बड़ा क़दम, ₹2,700 करोड़ के रक्षा उपरकणों की ख़रीद को मिली मंज़ूरी

रक्षा सौदों के लिए सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था परिषद की बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने की।
राफेल जेट विमान

‘हिट जॉब विशेषज्ञ’ एन राम के अर्ध-सत्य को राहुल ने खींचना चाहा, सरकार ने उठाकर पटक दिया

द हिन्दू में एन राम ने आज सुबह एक लेख लिखा जिसमें 2015 में रक्षा सचिव रहे जी मोहन कुमार का लिखा एक आधा अधूरा पत्र प्रकाशित किया और मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कार्यालय रक्षा मंत्रालय के काम में अड़ंगा डाल रहा था।

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