Homeराजनीति'भगवा आतंकवाद' के अब्बा दिग्विजय ने मॉब लिंचिंग का दोष BJP-RSS पर मढ़ा

‘भगवा आतंकवाद’ के अब्बा दिग्विजय ने मॉब लिंचिंग का दोष BJP-RSS पर मढ़ा

“देश में मॉब लिंचिंग के दो कारण हैं। पहला यह है कि लोगों को समय पर न्याय नहीं मिलता है, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ जाता है और वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं। दूसरी वजह है भाजपा और आरएसएस की मानसिकता।"

इंदौर-3 से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के बल्ला कांड को लेकर राजनीति का दौर अब भी जारी है। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस घटना का जिक्र करते हुए भाजपा और आरएसएस की मानसिकता पर सवाल उठाए। सिंह ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की मानसिकता की वजह से ही मॉब लिंचिंग की घटनाएँ बढ़ रही हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा, “देश में मॉब लिंचिंग के दो कारण हैं। पहला यह है कि लोगों को समय पर न्याय नहीं मिलता है, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ जाता है और वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं। दूसरी वजह है भाजपा और आरएसएस की मानसिकता। आकाश विजयवर्गीय को ही देख लीजिए, उन्होंने कहा था कि हमें सिखाया जाता है कि पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर अंत में दे दना-दन। यह भाजपा और आरएसएस की मानसिकता का ही परिणाम है।” इससे पहले दिग्विजय सिंह ‘भगवा आतंकवाद’ की थ्योरी के भी प्रणेता माने जाते हैं। जिसकी पोल RVS मणि ने अपने किताब ‘हिन्दू टेरर’ में खोल दी थी।

गौरतलब है कि, बुधवार (जून 26, 2019) को इंदौर-3 विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए आकाश विजयवर्गीय ने शहर के गंजी कम्पाउंड क्षेत्र में एक जर्जर भवन ढहाने की मुहिम के विरोध के दौरान बढ़े विवाद के बाद आकाश ने नगर निगम के एक अधिकारी की क्रिकेट के बैट से पिटाई कर दी थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था और फिर 4 दिन तक जेल में रहने के बाद रविवार (जून 30, 2019) को जेल से रिहा हो गए। जेल से रिहा होने के बाद आकाश ने कहा था, “मैं जनता की सेवा करता रहूंँगा। जेल में समय अच्छा बीता है। ऐसी स्थिति में जब पुलिस के सामने ही किसी महिला को घसीटा जा रहा था, मैं कुछ और करने की नहीं सोच सकता था। इसलिए मैंने जो कुछ भी किया उसे लेकर शर्मिंदा नहीं हूँ। हाँ, मैं भगवान से जरूर प्रार्थना करूँगा कि वह दोबारा मुझे ‘बल्लेबाजी’ करने का अवसर ना दे।”

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने सख्ती दिखाते हुए कहा था कि जेल से छूटने के बाद आकाश के स्वागत में जो लोग गए थे, उनको बाहर किया जाए, पूरी यूनिट भंग की जाए। पीएम मोदी ने बिना नाम लिए ही इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा था, “किसी का भी बेटा हो, उसकी ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने स्वागत किया है, उन्हें पार्टी में रहने का हक नहीं है। सभी को पार्टी से निकाल देना चाहिए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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