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भोपाल रेप-मर्डर केस: 32 दिन के अंदर 8 साल की बच्ची के रेपिस्ट को फाँसी की सज़ा

अदालत ने विष्णु बामोरे को बच्ची के साथ ज्यादती, अप्राकृतिक कृत्य और हत्या के आरोप में दोषी माना। इस मामले में पुलिस ने 40 लोगों को गवाह बनाया था।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अदालत ने एक 8 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के दोषी विष्णु बामोरे (35) को घटना के 32वें दिन फाँसी की सजा सुनाई है। इससे पहले बुधवार (जुलाई 10, 2019) को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपित विष्णु को दोषी करार दिया था।

इस मामले में पुलिस ने 17 जून को 108 पेज का चालान पेश किया था और 19 जून को विष्णु पर आरोप तय हुए थे। जिसके बाद अदालत ने विष्णु बामोरे को बच्ची के साथ ज्यादती, अप्राकृतिक कृत्य और हत्या के आरोप में दोषी माना। इस मामले में पुलिस ने 40 लोगों को गवाह बनाया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भोपाल के कमलानगर में 8 जून को 8 साल की बच्ची अपने घर से कुछ सामान लेने बाहर निकली थी, कि तभी उसका पड़ोसी विष्णु बच्ची को बहलाकर अपने घर ले गया। जहाँ विष्णु ने पहले बच्ची का बलात्कार किया और बाद में हत्या। लड़की का शव 9 जून को नाले से बरामद हुआ था। मामले की जाँच में पुलिस ने विष्णु के घर से बच्ची की चूड़ी और अन्य सबूत भी बरामद किए थे।

पुलिस ने घटना के बाद आश्वासन दिया था कि वे इस मामले में दोषी को एक महीने के भीतर सजा दिलाने का प्रयास करेंगे, जो कि हुआ भी। गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया और विष्णु को दोषी करार दे दिया गया। मामले के सुनवाई करने वाले मुख्य न्यायाधीश ने जब फैसला सुनाने के बाद विष्णु बामोरे से अपने पक्ष में कुछ कहने के लिए कहा तो उसका जवाब “कुछ नहीं” था। विष्णु को जब कोर्ट में पेश किया गया था तो वह रोने लगा था। उसने अदालत में कहा था कि उसे फाँसी दे दी जाए।

भोपाल बलात्कार और हत्याकांड का दोषी विष्णु

इसी तरह के अपराधों को रोकने के लिए कल मोदी कैबिनेट ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) को और सख्त करने के लिए संशोधन की मंजूरी दे दी है। जिसमें बच्चों का यौन उत्पीड़न करने पर मौत की सजा और चाइल्ड पोर्नोग्राफी रोकने के लिए जेल एवं जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, नाबालिगों के ख़िलाफ़ अन्य दूसरे अपराधों के लिए भी कड़ी सजा का प्रावधान शामिल है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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