Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयगाँवों पर मुस्लिम बंदूकधारियों का हमला, 80 को मार डाला, 60 का अपहरण-115 घरों...

गाँवों पर मुस्लिम बंदूकधारियों का हमला, 80 को मार डाला, 60 का अपहरण-115 घरों में लगाई आग: नाइजीरिया में ईसाई निशाने पर

वहीं इस हमले को लेकर मुस्लिम फुलानी आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि नाइजीरिया सरकार ने इन अत्याचारों से आँखें मूंद ली हैं।

नाइजीरिया के दक्षिणी पठारी राज्य में मुख्य रूप से ईसाई गाँवों पर मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने हमला किया, जिसमें कम से कम 80 लोग मारे गए और 60 से अधिक के अपहरण की बात सामने आई है। घटना रविवार, 10 अप्रैल, 2022 की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नाइजीरिया के कुकावा, क्याराम, येलवा, दद्दा, ग्याम्बावू, डूंगुर, वांका, शुवाका, ग्वाम्मदाजी और दादिन कोवा जैसे ईसाई गाँवों में किए गए इन हमले में 115 से अधिक घर तबाह हो गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि नाइजीरिया में गनमेन स्टॉर्म ईसाई गाँवों के सैकड़ों ग्रामीण अपने जलते हुए मकानों को छोड़कर किसी तरह जान बचाकर भागे। कहा जा रहा है कि पड़ोसी बाउची राज्य में सुरक्षित पहुँचने के लिए एक माँ और उसके बच्चे पाँच घंटे तक रात भर दौड़ते रहे ताकि किसी तरह जान बच जाए।

वहीं इस हमले को लेकर मुस्लिम फुलानी आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि नाइजीरिया सरकार ने इन अत्याचारों से आँखें मूंद ली हैं।

रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा गया है, “यह गॉड का चमत्कार है कि वे नरसंहार से बच गए और किसी जंगली जानवर द्वारा मारे नहीं गए।”

मीडिया रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि फुलानी मुस्लिम, अपनी खानाबदोश जीवन शैली के कारण, चारागाह की तलाश में ईसाई कृषक समुदायों पर कब्जे की दृष्टि से हमला किया है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोच जनता पार्टी: ‘क्रांति’ की रील और लोकतंत्र की रियलिटी

कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तानी नारे, आतंकी भिंडरावाले को सेना ने इसी दिन 42 साल पहले किया था ढेर: जानें कट्टरपंथी क्यों...

श्री अकाल तख्त साहिब के पास बड़ी संख्या में कट्टरपंथी और समर्थक इकट्ठा हुए, जिन्होंने खालिस्तानी संगठनों और भिंडरावाले के पोस्टर लहराए।
- विज्ञापन -