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‘हाऊ कैन यू रोक’ : आजमगढ़ में निरहुआ से चुनाव हार कर अखिलेश यादव के भाई भूल गए अंग्रेजी, Video देख नहीं रुकेगी हँसी

37 सेकंड के वीडियो में धर्मेंद्र यादव स्ट्रॉन्ग रूम में जाने से रोके जाने पर पुलिस अधिकारी से कहते हैं, "हाऊ कैन यू रोक! स्ट्रॉन्ग रूप में कौन जाएगा, मैं प्रत्याशी हूँ क्या मुझे नहीं पता। अरे भाई स्ट्रॉन्ग रूम खुल रहा (मीडिया से बात करते हुए) उम्मीदवार को अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। आखिर क्या षड्यंत्र है ये।"

आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा के दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने समाजवादा पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव को हरा दिया है। इस बीच मतगणना के दौरान का उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो स्ट्रॉन्ग रूम में घुसने की कोशिश कर रहे थे। जब पुलिस वालों ने उन्हें रोका तो उन्होंने कहा, “हाऊ कैन यू रोक।”

उनका ये बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। उनकी इस आधी हिन्दी और आधी अंग्रेजी वाली भाषा की जमकर चर्चा हो रही है। 37 सेकंड के वीडियो में वो स्ट्रॉन्ग रूम में जाने से रोके जाने पर वो पुलिस अधिकारी से कहते हैं, “हाऊ कैन यू रोक! स्ट्रॉन्ग रूप में कौन जाएगा, मैं प्रत्याशी हूँ क्या मुझे नहीं पता। अरे भाई स्ट्रॉन्ग रूम खुल रहा (मीडिया से बात करते हुए) उम्मीदवार को अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। आखिर क्या षड्यंत्र है ये।”

इस मौके पर धर्मेंद्र यादव की पुलिस अधिकारियों के साथ जमकर तू-तू, मैं-मैं भी हुई। उन्होंने ईवीएम बदले जाने का आरोप लगाते हुए कहा, “हम ये सब बर्दाश्त नहीं करेंगे।” इसी दौरान वो धमकी देते हैं ‘ये आजमगढ़’ है। वो लगातार सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर सवाल उठाते हैं। धर्मेंद्र यादव अधिकारियों को हड़काते हुए आरोप लगाया कि उन्हें रोक कर ये लोग मशीनें बदलना चाहते हैं। दरअसल, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में जाने के लिए डीएम की इजाजत लेने के लिए कह दिया था।

गौरतलब है कि आजमगढ़ सपा का गढ़ माना जाता है। पिछली बार 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने दिनेश लाल यादव को अखिलेश यादव के खिलाफ उतारा था, जिसमें वो हार गए थे। लेकिन इस बार उप चुनाव में उन्होंने अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव को हरा दिया है। उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र यादव लगातार तीन बार सांसद रह चुके हैं। 2004 में जहाँ उन्होंने मैनपुरी से जीत दर्ज की थी, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में सपा ने उन्हें बदायूँ से उतारा था और उन्हें जीत भी मिली थी। वहीं दिनेश लाल यादव की ये पहली जीत है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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