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जिसके संग चलते हैं ‘श्रीकृष्ण’, मैच से पहले जिसके नाखूनों से भी झलकता है ‘तिरंगा’: मिलिए प्रियंका गोस्वामी से, 10000 मीटर की पैदल चाल में भारत की ‘चाँदी’

प्रियंका की इस जीत के साथ भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में तीसरा मेडल हासिल कर लिया। इससे पहले मुरली श्रीशंकर ने लॉन्ग जंप में सिल्वर जीता था जबकि हाई जंप में तेजस्विन शंकर ने देश को ब्रॉन्ज दिलाया था।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत की प्रियंका गोस्वामी ने 10000 मीटर रेस वॉक में शनिवार (6 अगस्त 2022) को सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने ये दूरी 49 मिनट 38 सेकेंड में पूरी की।

उनकी इस जीत के साथ भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में तीसरा मेडल हासिल कर लिया। इससे पहले मुरली श्रीशंकर ने लॉन्ग जंप में सिल्वर जीता था जबकि हाई जंप में तेजस्विन शंकर ने देश को ब्रॉन्ज दिलाया था।

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं प्रियंका ने रेस वॉक के पहले चरण में बहुत तेजी से बढ़त बनाई थी। वह 4 किलोमीटर तक पहले स्थान पर रही थीं। लेकिन, इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की जेमिमा मोंटाग और केन्या की एमिली वामुसी एनजी आगे निकल गए।

8 किलोमीटर के बाद प्रियंका तीसरे स्थान पर हो गईं, मगर आखिर के दो मिनट में उन्होंने अपनी स्पीड बढ़ाई और दूसरे स्थान पर आ गईं। इस रेस में सिल्वर जीतने के साथ वह भारत की ऐसी पहली महिला बन गईं जिन्होंने इस इवेंट में सिल्वर पदक जीता।

प्रियंका ने जीत के बाद बताया कि वो जिस मुकाबले में जाती हैं वहाँ अपने नाखूनों को तिरंगे के रंग में रंगती हैं। वह आज की जीत के बाद कहती हैं , “मेरे पास एक भगवान कृष्ण हैं और मैं उन्हें हर प्रतियोगिता में अपने साथ ले जाती हूँ। वही आज मेरे लिए सौभाग्य लेकर आए हैं।”

बता दें कि प्रियंका से पहले रेस वॉक में केवल हरमिंदर सिंह ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ब्रॉन्ज जीता था। इस बार प्रियंका गोस्वामी ने जीतकर इतिहास रच दिया। इस इवेंट में उनसे आगे केवल जेमिमा मोंटाग रहीं। उन्होंने 42 मिनट में रेस वॉक पूरी करके गोल्ड जीता।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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