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‘कालिया कुमारस्वामी’ भाजपा से ज़्यादा ख़तरनाक: कर्नाटक के वक्फ मंत्री जमीर अहमद ने केंद्रीय मंत्री एवं JDS नेता पर की नस्लीय टिप्पणी, पार्टी ने माँगा इस्तीफा

यह घटना एक चुनावी रैली की है। रामनगर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए जमीर अहमद ने कहा कि चन्नपटना से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार सीपी योगीश्वर पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के कारण भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि योगीश्वर ने JDS में शामिल होने से परहेज किया, क्योंकि उन्हें 'कालिया कुमारस्वामी' भाजपा से ज़्यादा ख़तरनाक लगे।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस सरकार में वक्फ एवं आवासन मंत्री जमीर अहमद खान ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘कालिया कुमारस्वामी’ कहा है। इसको लेकर जनता दल (सेक्युलर) या JDS ने मंत्री का इस्तीफा माँगा है। वहीं, हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ टिप्पणी करने के एक मामले में राज्यपाल ने जमीर के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।

यह घटना एक चुनावी रैली की है। रामनगर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए जमीर अहमद ने कहा कि चन्नपटना से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार सीपी योगीश्वर पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के कारण भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि योगीश्वर ने JDS में शामिल होने से परहेज किया, क्योंकि उन्हें ‘कालिया कुमारस्वामी’ भाजपा से ज़्यादा ख़तरनाक लगे।

जमीर अहमद ने इस दौरान एक तस्वीर भी दिखाई। इसके साथ ही एक ऑडियो क्लिप चलाई, जिसमें कथित तौर पर कुमारस्वामी कह रहे थे, “मेरी राजनीति मुस्लिम वोटों पर निर्भर नहीं है। मैं यह स्पष्ट कर रहा हूँ। मुझे हिजाब या पजामा की ज़रूरत नहीं है।” अब लोगों का कहना है कि कुमारस्वामी की रंगत काला होने के कारण जमीर अहमद ने जानबूझकर नस्लीय टिप्पणी की है।

जमीर अहमद के इस बयान को लेकर जेडीएस ने प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया साइट X पर जेडीएस ने लिखा, “एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ ज़मीर अहमद की अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणी की देश कड़ी निंदा करता है। इस प्रकार की घृणित भाषा राजनीतिक विमर्श में नई गिरावट का प्रतीक है और सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है।”

भाजपा नेता किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं कॉन्ग्रेस के मंत्री ज़मीर अहमद द्वारा केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कुमारस्वामी को ‘कालिया कुमारस्वामी’ कहने की कड़ी निंदा करता हूँ। यह एक नस्लवादी टिप्पणी है, ठीक उसी तरह जैसे राहुल गाँधी के सलाहकार ने दक्षिण भारतीयों को अफ्रीकी, उत्तर पूर्व को चीनी, उत्तर भारतीयों को अरब जैसा बताया था।”

इस सीट से कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी मैदान में हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस ने सीपी योगेश्वर को मैदान में उतारा है। इस सीट पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और एचडी कुमारस्वामी, दोनों की प्रतिष्ठा दाँव पर लगी है। दोनों ही वोक्कालिगा समुदाय आते हैं और दोनों ही अपने समुदाय को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि इस सीट पर 13 नवंबर को वोट डाले जाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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