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अमेरिकी कैंपसों को ‘मेरिट’ वाले दिन लौटाएँगे डोनाल्ड ट्रंप? कॉलेजों को ‘वामपंथी सनक’ से मुक्त कराने का जता चुके हैं इरादा, जनिए क्या है उनका 7 सूत्री प्लान

अरबपति एलन मस्क ने भी इस वीडियो को शेयर किया है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने विवेक रामास्वामी के साथ मस्क को सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया है। 12 नवंबर को जारी एक बयान में ट्रम्प ने कहा कि मस्क और रामास्वामी उनके प्रशासन के लिए सरकारी नौकरशाही को खत्म करने, अतिरिक्त नियमों को कम करने, फिजूलखर्ची में कटौती करने और संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर कोलिन रग्ग ने 11 नवंबर को अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में ट्रंप ने अमेरिका में उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की थी। वीडियो में ट्रम्प ने कहा कि ‘कट्टरपंथी मार्क्सवादी सनकी’ ने कॉलेजों में घुसपैठ की है और करदाताओं के पैसे को अपने वैचारिक एजेंडे को फैलाने में लगाया है।

यह वीडियो एक साल पहले राष्ट्रपति ट्रम्प के एजेंडा 47 के हिस्से के रूप में जारी किया गया था। वीडियो में बताया गया था कि ट्रंप उच्च शिक्षा के लिए क्या योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी योजना शैक्षणिक संस्थानों में योग्यता, पारदर्शिता और दक्षता बहाल करने की है। उन्होंने घोषणा की, “हमारा गुप्त हथियार कॉलेज मान्यता प्रणाली होगी।” यहाँ उनके 7-सूत्रीय प्रस्ताव का विवरण दिया गया है।

‘मान्यता सुधार’ के माध्यम से फंड जब्त करना

ट्रम्प ने उन संस्थानों की फंडिंग रोकने के लिए कॉलेज मान्यता प्रणाली का लाभ उठाने का वादा किया है, जो शिक्षा प्रणाली में बदले हुए प्रारूप के साथ चलने से इनकार करते हैं। ट्रंप इसे ‘वास्तविक मानक’ कहते हैं और वे इसे लागू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन मान्यता देने वाले ‘कट्टरपंथी वामपंथियों’ को बर्खास्त करेगा, जिन्होंने इन कॉलेजों को मार्क्सवादी उन्मादियों का प्रभुत्व बनने दिया है। ट्रंप ने आगे कहा कि पारंपरिक मूल्यों को लागू करने और जवाबदेही में सुधार के लिए नए मान्यता देने वालों को नियुक्त किया जाएगा।

अमेरिकी परंपराओं की रक्षा करना और लागत में कटौती करना

अपने बयान में ट्रम्प ने ट्यूशन की बढ़ती लागत की आलोचना की। इसके लिए ‘व्यर्थ प्रशासनिक स्थिति’ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उनकी योजना कॉलेजों को अमेरिकी परंपराओं की रक्षा करने, फ्री स्पीच की रक्षा करने और अनावश्यक नौकरशाही में कटौती करने के लिए बाध्य करेगी। उनका उद्देश्य सस्ती शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करना और उन पदों को खत्म करना है, जो ट्यूशन लागत को बढ़ाते हैं।

‘विविधता, समानता और समावेशन’ की स्थिति को खत्म करना

डोनाल्ड ट्रंप के बयान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वह शिक्षा प्रणाली से विविधता, समानता और समावेशन (DEI) की खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने विविधता जैसी पहल को ‘मार्क्सवादी एजेंडा’ का हिस्सा बताया है और कहा है कि उनकी योजना डीईआई विभागों को खत्म करने की है।

इसके बजाय उन्होंने छात्रों को वास्तविक मूल्यों वाली शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कम लागत वाले विकल्प, करियर सेवाएँ और कॉलेज प्रवेश परीक्षाओं का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये कदम शैक्षणिक संस्थानों में पहचान की राजनीति से प्रेरित माहौल के बजाय योग्यता आधारित माहौल को बढ़ावा मिलेगा।

कॉलेजों में नस्लीय भेदभाव को रोकना

अपने प्रस्ताव में ट्रम्प ने कहा है कि वह न्याय विभाग को उन स्कूलों के खिलाफ फेडरल सिविल राइट मामले दर्ज करने का निर्देश देंगे, जो ‘समानता की आड़ में गैरकानूनी भेदभाव’ जारी रखते हैं। बता दें कि शैक्षणिक संस्थानों में एशियाई अमेरिकी और श्वेतों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव की खबरें आती रहती हैं। अगस्त 2020 में ऑपइंडिया ने बताया था कि कैसे येल विश्वविद्यालय पर एशियाई अमेरिकी के प्रति पक्षपात का आरोप लगा था।

नन-कमप्लाएंस के लिए बंदोबस्ती कराधान

इसके अलावा डोनाल्ड ट्रम्प ने अनुपालन नहीं करने वाले संस्थानों की बंदोबस्ती पर कर लगाने की योजना बनाई है। इन स्कूलों पर उनकी बंदोबस्ती की पूरी राशि तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने सुझाव दिया कि उपाय को तेजी से पूरा करने के लिए बजट का उपयोग करेगा और उनका प्रशासन ‘अमेरिका विरोधी पागलपन’ को खत्म करने का प्रयास करेगा।

पीड़ितों की सहायता के लिए फंड को रिडायरेक्ट करेंगे

ट्रम्प ने शिक्षा विभागों में ‘अन्यायपूर्ण और अवैध नीतियों’ से प्रभावित लोगों के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में जब्त किए गए धन का उपयोग करने का भी प्रस्ताव रखा है। ट्रम्प के अनुसार, फंड को भेदभाव के पीड़ितों का सहयोग करने और पहचान-संचालित नीतियों से वंचित लोगों के लिए शैक्षिक पहुँच में सुधार करने के लिए पुनर्निर्देशित किया जाएगा।

छात्रों के लिए ‘वास्तविक शिक्षा’

शिक्षा को वैचारिक प्रभाव से मुक्त कराने के लिए ट्रम्प व्यावहारिक परिणामों और कैरियर की तैयारी पर केंद्रित नीतियों को शामिल किए हैं। उन्होंने इसे सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज प्रवेश और निकास परीक्षा लागू करने की योजना बनाई है, ताकि छात्रों को वास्तव में अमेरिका में शिक्षा प्रणाली से लाभ हो।

अरबपति एलन मस्क ने भी इस वीडियो को शेयर किया है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने विवेक रामास्वामी के साथ मस्क को सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया है। 12 नवंबर को जारी एक बयान में ट्रम्प ने कहा कि मस्क और रामास्वामी उनके प्रशासन के लिए सरकारी नौकरशाही को खत्म करने, अतिरिक्त नियमों को कम करने, फिजूलखर्ची में कटौती करने और संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

उनकी योजना देश में उच्च शिक्षा में सुधार करना है, जिसका लक्ष्य वह राजनीतिक पूर्वाग्रहों को दूर करना है। उनका मानना ​​है कि शिक्षा प्रणाली को योग्यता, निष्पक्षता और अमेरिकी मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कॉलेजों को फंडिंग प्राप्त करने के तरीके में बदलाव करके और अनावश्यक भूमिकाओं में कटौती करके, वह कॉलेज को अधिक किफायती और व्यावहारिक बनाने की उम्मीद करते हैं।

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Anurag
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Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over twenty one years of professional experience, including more than five years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

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