Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस NSUI की राष्ट्रीय महासचिव ने सावरकर को बताया गद्दार, कहा- 'कालिख पोत कर...

कॉन्ग्रेस NSUI की राष्ट्रीय महासचिव ने सावरकर को बताया गद्दार, कहा- ‘कालिख पोत कर ठीक किया’

वीर सावरकर की प्रतिमा को एनएसयूआई दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लकड़ा ने जूते की माला पहनाई थी। अक्षय ने समर्थकों संग मिल कर प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोत दिया था। इस दौरान एनएसयूआई के छात्रों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई थी।

एनएसयूआई (NSUI) की राष्ट्रीय महासचिव सुरभि द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को लेकर ज़हर उगला है। सुरभि ने वीर सावरकर को न सिर्फ़ देशद्रोही और गद्दार कह कर सम्बोधित किया बल्कि यह भी दावा किया कि वे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की हत्या में शामिल थे। सुरभि ने ट्विटर पर लिखा कि सावरकर की प्रतिमा उन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा के साथ नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। सुरभि ने लिखा कि सावरकर अंग्रेजों को क्षमा याचिकाएँ लिखा करते थे।

यहाँ यह गौर करने वाली बात है कि कॉन्ग्रेस के संगठन नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय महासचिव ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लकड़ा द्वारा वीर सावरकर की प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोतने और उन्हें जूतों का हार पहनाए जाने को सही ठहराया। इस कुकृत्य के लिए सुरभि ने अक्षय को बधाई भी दी। भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी को देशद्रोही, गद्दार कह कर उनकी प्रतिमा का अपमान और फिर उस अपमान का समर्थन!

बता दें कि कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन ‘नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI)’ ने आधी रात में वीर सावरकर की प्रतिमा को जूतों का हार पहनाया और चेहरे पर कालिख पोत दी थी। मंगलवार (अगस्त 20, 2019) को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैम्पस में आर्ट्स फैकल्टी गेट के बाहर सावरकर की प्रतिमा की स्थापना की थी।

वीर सावरकर की प्रतिमा को एनएसयूआई दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लकड़ा ने जूते की माला पहनाई थी। अक्षय ने समर्थकों संग मिल कर प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोत दिया था। इस दौरान एनएसयूआई के छात्रों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -