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नहीं रहे पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस, 77 में जेल से चुनाव लड़ 3 लाख वोटों से पाई थी जीत

फर्नांडिस का रक्षा मंत्री वाला काल भी यादग़ार रहा है। उसी दौरान भारत ने कारगिल में पाकिस्तान को परास्त किया और पोखरण परमाणु परीक्षण के दौरान भी जॉर्ज फर्नांडिस ही देश के रक्षा मंत्री थे।

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान देश के रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस का आज (जनवरी 29, 2019) निधन हो गया। लम्बे समय से बीमार चल रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में आख़िरी साँस ली। जॉर्ज फर्नांडिस अपने आख़िरी वर्षों में अल्ज़ाइमर से पीड़ित थे और उन्हें कुछ भी याद नहीं रहता था। रक्षा मंत्री के अलावा उन्हें आपातकाल के दौरान सक्रियता के कारण भी जाना जाता है।

वह 2004 में बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर से सांसद चुने गए थे। जॉर्ज फर्नांडिस का राजनीतिक जीवन काफ़ी लम्बा रहा है और उन्हें देश के दिग्गज नेताओं में से एक माना जाता था। वीपी सिंह की सरकार के दौरान उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री का पद भी संभाला था। मुंबई में ट्रेड यूनियन के नेता के तौर पर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले जॉर्ज वहाँ के कामगारों में काफ़ी लोकप्रिय थे और उनके हक़ के लिए उन्होंने कई लड़ाइयाँ लड़ी थीं।

अपने विरोध प्रदर्शनों और कड़े तेवर की वज़ह से जाने जाने वाले जॉर्ज फर्नांडिस ट्रेड यूनियन से लेकर राजनीति में ऊपर चढ़ते गए और उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 1976 में आपातकाल के दौरान उन्हें कोलकाता से गिरफ़्तार किया गया था।

जॉर्ज फर्नांडिस काफ़ी दिनों से राजनीति में सक्रिय नहीं थे और बीमारी के कारण उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना भी कम कर दिया था। मुज़फ़्फ़रपुर के लोग आज भी उन्हें याद कर के भावुक हो उठते हैं। जिले में दूरदर्शन केंद्र, काँटी थर्मल पावर स्टेशन, लिज्जत पापर फैक्ट्री- इन सब की स्थापना का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। जिले में उनके इन सभी कार्यों से रोज़गार का सृजन हुआ था। 1977 में उन्होंने जेल से ही मुज़फ़्फ़रपुर से चुनाव लड़ा था और 3 लाख से भी अधिक मतों से विजयी हुए थे।

फर्नांडिस का रक्षा मंत्री वाला काल भी यादग़ार रहा है। उसी दौरान भारत ने कारगिल में पाकिस्तान को परास्त किया और पोखरण परमाणु परीक्षण के दौरान भी जॉर्ज फर्नांडिस ही देश के रक्षा मंत्री थे। उन्हें बिहार की वर्तमान सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) की स्थापना के लिए भी जाना जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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