चंडीगढ़ की एक कोर्ट ने अपहरण और रेप के आरोपित को बरी कर दिया। कोर्ट का यह फैसला शादी के रिसेप्शन की तस्वीरे देखने के बाद लिया, जिसमें पीड़िता 'काफी खुश' दिख रही है।
1983 में असम में हुए 3 महीने के हिंसक आंदोलन के पीछे तिवारी रिपोर्ट में आसु और एजेएसपी को जिम्मेदार ठहराया है। हालाँकि मूल वजह असमियों के मन में बैठ गया 'भय' था।