रिव्यू की शुरुआत में केआरके अभिनेता विजय देवरकोंडा को 'विजय एनाकोंडा' कहकर बुलाते हैं। फिल्म की कहानी को बाबा आदम के जमाने की बताते हुए कहा कि यही कहानी उनकी फिल्म 'देशद्रोही' की थी।
बरेली में शादीशुदा चाँद बाबू ने डॉक्टर विशाल बनकर हिंदू युवती को फँसाया। वहीं जबलपुर में असलम ने संजय बनकर हिंदू युवती से शादी रचाई फिर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगा।