"राम मंदिर का निर्माण नेहरूवादियों, मार्क्सवादियों, माओवादियों, चीन समर्थकों, मीडिया और शिक्षाविदों के लिए हार है, जिसने इतिहास, पुरातत्व और भक्ति को नकारने की कोशिश की थी।"
"मेरा जो काम है वो काम मैं करूँगा। मैं अपने कार्य को हमेशा कर्तव्य और धर्म मानकर चलता हूँ। मैं जानता हूँ कि मुझे कोई बुलाएगा नहीं इसलिए मैं जाऊँगा भी नहीं।"
"भारत एक सेकुलर देश है। प्रधानमंत्री ने आज मंदिर का शिलान्यास करके अपनी शपथ का उल्लंघन किया है। ये लोकतंत्र की और सेकुलिज्म की हार है और हिंदुत्व की जीत है।"
इंडिया टुडे के गुजराती संस्करण के साथ जब यह सब हुआ तब उसके संपादक शेखर गुप्ता हुआ करते थे। शायद इसी कारण से आज राम मंदिर के भूमि पूजन के समय वह इस दिन को दोबारा याद कर रहें।
सुशांत मौत मामले की जाँच सीबीआई को सौंपे जाने पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है।
"ऐसी खबरें हैं कि बड़ी संख्या में कारसेवक अयोध्या पहुँच रहे हैं, लेकिन वे शांतिपूर्ण हैं। मेरी राय में, इस समय यूपी सरकार की बर्खास्तगी या राज्य विधानसभा को भंग करने या राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने जैसे कठोर कदम उठाने का समय नहीं है।"