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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

‘पतली गर्लफ्रेंड’ के मिलते ही पत्नी के मोटापे से हुआ परेशान, बोला- तलाक, तलाक, तलाक!

शाहीन की 5 साल की एक बेटी है और वह जब भी अपनी बच्ची को लेकर ससुराल जाती है तो वहाँ उसके पति के घरवाले उसके साथ मारपीट करते हैं और तीन तलाक का हवाला देकर घर से निकाल देते हैं।

‘अगर अनुच्छेद 370 अस्थायी है तो भारत में जम्मू कश्मीर का विलय भी अस्थायी है’

इस अनुच्छेद की वजह से कश्मीर में आरटीआई भी लागू नहीं है। इसके अलावा शहरी भूमि क़ानून भी वहाँ लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर का अपना अलग ध्वज है और वहाँ के निवासियों के पास दोहरी नागरिकता होती है। यहाँ विधानसभा का कार्यकाल भी 6 वर्षों का होता है।

भगवा ध्वज लहराना और नारे लगाना कोई अपराध नहीं: दलित उत्पीड़न पर हाईकोर्ट का अहम निर्णय

भगवा ध्वज फहराना दलित उत्पीड़न के अंतर्गत अपराध नहीं है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज किए गए एक मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपित को जमानत दी।

मस्जिद से निकली भीड़ ने किया बवाल व पत्थरबाज़ी, बंद कराई दुकानें: 600 लोगों पर मुक़दमा

जूता फैक्ट्री चलाने वाले ज़ाहिद ने आरोप लगाया कि उसके समाज के लोगों ने जबरन उसकी फैक्ट्री बंद कराने की कोशिश की और धमकियाँ दीं। इरफ़ान सलीम, शिराज कुरैशी, महमूद ख़ान, राहत अली, नदीम नूर, जुहैर ख़ान, हाजी बिलाल और तालिब शहजाद सहित कई लोगों पर मुक़दमे दर्ज किए गए।

नागालैंड में ‘मूल निवासी सर्टिफिकेट’ बँटेंगे, असम के NRC से मिलती-जुलती कवायद

एक बार पूरा होने के बाद और कोई मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी नहीं होंगे। केवल मूल निवासियों के बच्चों को उनके जन्म प्रमाण पत्र के साथ मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएँगे

फ्री चिकन देने से इनकार करने पर पड़ोसियों ने मुर्गियों को परोसा ज़हर

जाँच अधिकारी ने बताया कि क़ानून के अनुसार, अगर 50 रुपए से अधिक क़ीमत के किसी भी जानवर को मार दिया जाए या ज़हर दिया जाए, तो आरोपित को 5 साल की जेल होगी या उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। हालाँकि, जानवर के मालिक के साथ समझौता करना भी एक विकल्प हो सकता है।

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन PFI नेता पर चलेगा RSS कार्यकर्ता की हत्या का मुकदमा, SC ने खारिज की बचाव याचिका

आरोपित ने कोर्ट के इस फैसले को 2 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद आरोपी पर फिर से मुकदमा चलने के रास्ते साफ हो गए हैं। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और एन वी रमन्ना की एक पीठ ने आरोपित की याचिका खारिज कर दी और अब उस पर ट्रायल चलेगा।

क्या मौलवियों की धमकी से टूटी ज़ायरा, परिवार की खातिर फ़िल्मों से बनाई दूरी?

मौलवी आदिल का मानना है कि कश्मीर में कथित आज़ादी के लिए चल रहे 'अभियान' से भी ज्यादा ज़रूरी है ज़ायरा वसीम जैसी लड़कियों को बताना कि वे बॉलीवुड में काम करना छोड़ें। मौलवी ने कहा कि ज़ायरा वसीम जैसी लड़कियाँ इस्लाम के लिए शर्म हैं।