53525 कुल लेख

ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

अरुणाचल ने जो आज हासिल किया है, वो बहुत ही जल्द पूरे देश में होने वाला है: PM मोदी

“हमारी सरकार विकास की पंचधारा, बच्चों की पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है"

’10 साल तक PM मनमोहन सिंह की सरकारी फ़ाइलें सोनिया के यहाँ जाती थीं’ – किताब में खुलासा

कुलदीप नैयर के बेटे राजीव ने बताया कि किताब में वही बातें लिखी गई हैं जो मनमोहन सिंह ने ख़ुद उनके दिवंगत पिता से कही थीं। लेकिन अब किताब पढ़ने के बाद वो इस बात को नकार रहे हैं।

…तो सोशल मीडिया पर भी छाएगी चुप्पी, चुनाव के 48 घंटे पहले ये है EC का प्लान

चुनाव आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के सेक्शन 126 में संशोधन करके इसका दायरा सोशल माडिया, इंटरनेट, केबल चैनल्स और प्रिंट मीडिया के ऑनलाइन संस्करणों तक बढ़ाने की बात कही है।

कभी ना, कभी हाँ: 78 साल के शरद पवार फिर से लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार!

पुणे में 3 घंटे से ज्यादा देर तक चली एक मीटिंग के बाद शरद पवार के दोबारा चुनाव लड़ने का फ़ैसला लिया गया। हालाँकि उन्होंने कहा कि वो इस बारे में सबको सोचकर सूचित करेंगे।

कोलकाता पुलिस ने CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक की पत्‍नी के घर पर मारा छापा

नागेश्वर राव ने इसे पूरे छापे को एक प्रोपेगेंडा करार दिया। इससे पहले 30 अक्टूबर 2018 को उन्होंने एक बयान जारी कर एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड से कोई भी संबंध होने से इंकार किया था।

एयर मार्शल प्रमुख एसबीपी सिन्हा ने कहा ‘हिंदू रिपोर्ट राफ़ेल डील को खराब करने का प्रयास है’

एसपी सिन्हा ने कहा कि हिन्दू में इस मामले में लेख लिखने वाले एसके शर्मा इस टीम का हिस्सा ही नहीं थे। सिन्हा ने लेख पर सवाल उठाते हुए कहा कि शर्मा ने रक्षा सौदे को बिगाड़ने के लिए कहीं किसी के इशारे पर यह लेख तो नहीं लिखा है?

लाशों में गौ सेवा और शराब ले आने वाले संवेदनहीन अखिलेश अपने समय की 33 मौतें भूल गए

अच्छा होता कि अखिलेश यादव अपनी संवेदनहीनता को इस बात तक ही सीमित रखते कि उत्तर प्रदेश में ज़हरीली शराब कौन बना रहा है। उनका ये सवाल उचित होता कि प्रशासन आख़िर क्यों इन शराब की भट्टियों को चलने देता है।

आंध्र CM नायडू ने ₹1 करोड़ आंदोलन पर खर्च किया, जबकि आँगनबाड़ी सेविकाओं को नहीं मिल रहा वेतन

TDP समर्थकों को दिल्ली भेजने के लिए दो ट्रेनों की बुकिंग राज्य सरकार द्वारा की गई थी। केंद्र सरकार के विरोध के लिए यातायात पर हुए एक करोड़ रूपए के खर्च राज्य सरकार ने वहन किए।