कुम्भ: स्नान करती महिलाओं के फोटो लेने पर हाई कोर्ट सख़्त

कोर्ट ने मेला अधिकारी से प्रश्न किया कि जब स्नान घाट से 100 मीटर के दायरे में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है तो यह सब कैसे हो रहा है?

कुम्भ जहाँ आस्था और पवित्रता का विषय है वहीं कुछ लोग कुम्भ में स्नान करती महिलाओं की तस्वीर खींचने से बज नहीं आ रहे थे। यहाँ तक की ऐसी कई तस्वीरें अख़बारों में भी छापी गई, मीडिया चैनलों में भी दिखाया गया। जिसका कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए, अखबार और मीडिया चैनलों पर स्नान करती महिलाओं की फोटो दिखाए जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेला अधिकारियों और व्यवस्थापकों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई पाँच अप्रैल को रखी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वकील असीम कुमार की याचिका पर जस्टिस पीकेएस बघेल और जस्टिस पंकज भाटिया की खण्डपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने मेला अधिकारी से प्रश्न किया कि जब स्नान घाट से 100 मीटर के दायरे में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है तो यह सब कैसे हो रहा है? इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन किया जाए।

बता दें कि प्रशासन 1000 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी कर रहा है। पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए 40 निगरानी टावर का भी निर्माण किया गया है। मेले में राज्य पुलिस बल, पीएसी और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के करीब 22,000 जवानों की तैनाती भी की गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 40 पुलिस थाने, 3 महिला पुलिस थाने और 60 पुलिस चौकियाँ भी स्थापित की गई हैं।


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