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चुनाव आयोग ने दी वोटर्स को सावधान रहने की सलाह, नहीं कटे हैं मतदाता सूची से नाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस बात को स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का एकमात्र अधिकार केवल निर्वाचक पंजीयक अधिकार के पास ही होता है।

कुछ दिन पहले खबरें आई थी कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से नागरिकों को एक अलग ही तरह की कॉल की आ रही है। इस कॉल में लोगों से कहा जा रहा था कि उनका नाम वोटर लिस्ट से कट गया था लेकिन दिल्ली मुख्यमंत्री ने उनका नाम दोबारा से वोटर लिस्ट में जुड़वा दिया है। झूठे फोन कॉल का मामला चर्चा में आने के बाद चुनाव आयोग के पास इसकी शिकायतें पहुँचनी शुरू हुईं।

ऐसे में चुनाव आयोग ने दिल्ली की जनता को भ्रमित करने वाले फोन कॉल्स से सावधान करते हुए आश्वासन दिया है कि वो इस तरह की बातों पर यकीन न करें। शनिवार (फरवरी 9, 2019) को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के हवाले से आयोग द्वारा यह बात कही गई है

आयोग ने इस बात को साफ़ किया है कि अज्ञात व्यक्तियों और संस्थाओं की ओर से काफ़ी सँख्या में लोगों को भ्रमित करने वाली फोन कॉल्स आ रही हैं। जिसमें लोगों को बताया जा रहा है कि उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। ऐसे में चुनाव आयोग ने बताया कि इन मामलों में मिली शिकायतों पर क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस बात को स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का एकमात्र अधिकार केवल निर्वाचक पंजीयक अधिकार के पास ही होता है।

इसलिए, किसी व्यक्ति अथवा संस्था की ओर से आने वाली फोन कॉल से स्थानीय नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। साथ ही जनता को मतदाता सूची से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 पर फोन करने की सलाह दी।

साथ ही मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने पर आयोग ने बताया है कि आयोग की वेबसाइट पर मौजूद फॉर्म 6 के ज़रिए आवेदन किया जा सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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