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सौम्या सिंह

ख़ुद को तराशने में मसरूफ़

अब बिना एक्टिव सिम के बंद होंगे वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप, DoT ने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए बनाए कड़े नियम:...

अब WhatsApp, Telegram, Signal जैसी ऐप्स सिर्फ तभी चलेंगी जब फोन में उसी नंबर की एक्टिव सिम लगी हो और वेब लॉगिन समय-समय पर री-वेरिफाई होगा।

अयोध्या में श्री राम मंदिर के 161 फीट ऊँचे शिखर पर लहराया भगवा ध्वज: जानें इस धर्म ध्वज पर अंकित ‘ॐ, सूर्य देव और...

राम मंदिर पर फहराए गए केसरिया ध्वज में ॐ (ओम), सूर्य देव और कोविदार वृक्ष जैसे तीन महत्वपूर्ण प्रतीकों का चित्रण किया गया है।

हाथ में हिडमा के पोस्टर, जेब में चिली स्प्रे: दिल्ली में पर्यावरण के रखवाले नहीं, ‘अर्बन नक्सल’ उतरे प्रदर्शन पर, पुराने ‘वामपंथी पैटर्न’ पर...

दिल्ली में प्रदूषण के नाम पर प्रदर्शन कर रहे वामपंथियों ने खूंखार नक्सली हिडमा के समर्थन में नारे लगाए और पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे किया।

UP के फिरोजाबाद में ₹7.50 करोड़ से 5 मंदिरों का होगा कायाकल्प: जानिए इनमें से एक पसीने वाले हनुमान जी के मंदिर की रहस्यमयी...

यूपी के फिरोजाबाद में स्थित पसीने वाले हनुमान जी के मंदिर में हनुमानजी की प्रतिमा पर जैसे ही सिंदूर लगाया जाता है, वह पसीने से भीग जाती है।

विदेश में बैठे लोग भारत में बना रहे देश विरोधी माहौल या गलती तकनीक की?: जानिए X के नए फीचर से सोशल मीडिया पर...

सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट्स शेयर कर दावा किया जा रहा कि जिन अकाउंट्स से भारत विरोधी पोस्ट शेयर की जाती थीं। वह विदेश से संचालित हो रहे हैं।

अब बहाने देना बंद करे कॉन्ग्रेस और पहले अपने भीतर झाँके: बिहार में पार्टी के प्रदर्शन को देख कॉन्ग्रेसी ही हुए शर्मसार, थरूर से...

बिहार चुनाव में कॉन्ग्रेस की हार के बाद पार्टी के नेताओं में भी अपनी ही पार्टी के प्रदर्शन को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।

जहाँ गिरा माँ सती का कंधा, वहाँ हर साल अपने आप बढ़ती है भैरव बाबा की मूर्ति: जानिए 51 शक्तिपीठों में से एक ‘महामाया...

छत्तीसगढ़ का रतनपुर नगर प्राचीन कलचुरी राजवंश की राजधानी रहा है। यहाँ स्थित माँ महामाया देवी मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

‘वंदे मातरम्’ ने जगाई क्रांति की ज्वाला, लेकिन राष्ट्रगान बनने के आड़े आ गए जवाहरलाल नेहरू: जानें- बंकिम चंद्र चटर्जी की मूल रचना को...

वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं। यह गीत आज भी भारत की आजादी, एकता और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बना हुआ है।