इस पूरे मामले को देखने के बाद यही प्रतीत होता है कि स्क्रॉल ने जानबूझकर भ्रामक शीर्षक दिया जिससे शीर्षक देखने पर ही यह प्रतीत हो कि उत्तर प्रदेश में मदद माँगने पर भी एफआईआर हो रही है।
केजरीवाल सरकार ने इस साल जनवरी से मार्च तक विज्ञापनों पर 150 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। इसी बीच उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो पोर्नोग्राफी वेबसाइट पोर्नहब के स्क्रीनशॉट की तरह दिखाई दे रही है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट्स पर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो लगाई जाती है, तो कोविड-19 से जान गँवाने वालों के मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी उनकी फोटो लगाई जानी चाहिए।
तबीयत बिगड़ने के बाद अली हसन को अस्पताल लाया गया, वहाँ 14 लीटकर ऑक्सीजन दी गई। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 23 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इस फेक न्यूज पर कहा कि वार्ड में मरीजों के लिए ऑक्सीजन के आउटलेट पॉइंट बढ़ा रहे थे, ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन की कमी का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमितों के विषय में जो बताया गया ऐसे सभी दावे अफवाह मात्र हैं। उन्होंने कहा कि वह रोजाना सुबह 5 से 10 बजे तक स्वास्थ्य और योग से जुड़े लाइव कार्यक्रम करते हैं।