महाराष्ट्र में बढ़ती मुस्लिमों की आबादी का परिणाम क्या होता है ये मई-जून में हुए लोकसभा चुनावों में हमने देखा था। तब भी मुस्लिमों को इसी तरह एकजुट करके वोट कराया गया था।
एक समय था जब यासीन मलिक खुलेआम कश्मीरी पंडितों की हत्या की बात स्वीकारता था और तत्कालीन पीएम उसका स्वागत करते थे। यही वजह है कि मुशाल को राहुल गाँधी से उम्मीद है कि वो उनके शौहर को बचाएँगे।