चंचल त्यागी ने बताया कि महजबीन ने मुस्लिम स्टाफ को दिन में 5 बार नमाज पढ़ने की अनुमति दी है, लेकिन जब चंचल अपनी सनातन परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर आती हैं, तो उन्हें इसके लिए सजा दी जाती है।
कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित अजय उर्फ राघव खुश तो हैं लेकिन उन्हें यही लग रहा है कि ऐसे इल्जाम अदालतों में खत्म हो जाते हैं लेकिन समाज उन्हें उसी नजर से देखता रहता है।