किशन ने बताया कि जब वो रामगोपाल का शव लेने गए तो सरफराज ने उनपर भी गोली चलाई, अगर वो गोली निशाने पर लगती तो शायद उनका भी शव अब्दुल हमीद के घर में मिलता।
अजमेर में खादिमों की संस्था के सचिव सरवर चिश्ती ने कहा, "घर पर चढ़कर हरा झंडा उतारकर धर्म विशेष का झंडा लहराया जा रहा है। तो फिर फूल तो बरसेंगे नहीं, जो हुआ यही होना था।"
बदरुद्दीन अजमल ने मुस्लिमों को भड़काते हुए कहा था कि सरकार वक्फ की 9.7 लाख बीघा जमीन ह़ड़पना चाहती है। उन्होंने ये भी माँग की थी कि अब इस जमीन को सरकार को मुस्लिम समाज को सौंप देना चाहिए।