डासना मंदिर पर हमले की पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके लिए बुजुर्गों को पीस कमेटी की बैठक में भेज, इस्लामी कट्टरपंथियों को डासना मंदिर पर हमले के लिए भेजा गया।
केरल हाई कोर्ट के जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में कहा कि मजहबी विश्वास व्यक्तिगत होते हैं और उन्हें दूसरों पर थोपने का अधिकार किसी को नहीं है।
मिथुन मिश्रा ने कुछ दिन पहले अपने चैनल पर ईसाई धर्मांतरण गिरोह की पोल खोली थी। इसके बाद उन्होंने बिहार बाढ़ पर रिपोर्टिंग करके लोगों का दर्द दर्शकों को दिखाया था।