सामाजिक मुद्दे

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: केवल आसन नहीं, आधुनिक जीवन की बिखरती कड़ियों को जोड़ने का भारतीय सूत्र है योग

योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज और विश्व को जोड़ने वाली भारतीय जीवन पद्धति है। पढ़िए विशेष लेख।

‘राख’ पहली नहीं: ‘तांडव’ में हिंदू देवताओं का मजाक, ‘दहाड़’ में लव जिहाद पर पर्दा, ‘पाताल लोक’ में हिंदू-सिखों की नकारात्मक छवि; लंबी है...

किरदारों की पहचान बदलना, हिंदुओं को खलनायक और मुसलमानों को पीड़ित दिखाना: ‘दहाड़’ से ‘राख’ तक Prime Video के शोज में दिखता एक जैसा पैटर्न।

एल्गोरिदम के बँधुआ मजदूर… ‘अटेंशन इकॉनमी’ का डिजिटल सर्वहारा

जब मृत शरीर भी वायरल कंटेंट बन जाए, तब सवाल केवल संवेदनशीलता का नहीं बल्कि पूरे डिजिटल कल्चर के पतन का होता है।

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?

सहर-अदनान-एजाज… बकरीद पर क्यों चला रहे ‘रोने’ का अभियान? समझिए क्या है मुस्लिम इन्फ्लुएंसर्स का ‘मकसद’

बकरीद पर सरकार ने कुछ नियमों का पालन करने क्या कह दिया, मजहबी कंटेन्ट बनाने वाले मुस्लिम इंफलुएंसर्स ने सोशल मीडिया ने रोना शुरू कर दिया।

साहित्य अकादमी या वामपंथियों का वैचारिक अखाड़ा? ममता कालिया को ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए मिले पुरस्कार से छिड़ी बहस

साहित्य अकादमी 2025 में ममता कालिया को मिले सम्मान के बाद वामपंथी पक्षपात, स्वायत्तता और चयन प्रक्रिया पर नई बहस छिड़ गई है।

नया नहीं नासिक का कार्पोरेट जिहाद, देशभर के KPO-BPO में निशाने पर हिंदू लड़कियाँ: पूर्व KPO कर्मी के तौर पर मैं बताऊँगा इस्लामी कट्टरपंथियों...

नासिक में 'कॉरपोरेट जिहाद' ने देशभर में सनसनी फैला दी है। यह इकलौता मामला नहीं है, देशभर में हिंदू लड़कियाँ निशाने पर हैं, पढ़ें मेरा अनुभव।

‘नास्तिक’ प्रकाश राज को माँ के सम्मान में ईसाइयत कबूल, पर हिंदुओं का अपमान करते नहीं आती शर्म: ट्रोल करने वालों को बताने लगे...

खुद को नास्तिक बताकर हिंदू धर्म का अपमान करने वाले प्रकाश राज ने ईसाई तौर-तरीकों से अपनी माँ का अंतिम संस्कार किया। फिर ट्रोल हुए, तो सम्मान का पाठ पढ़ाने लगे।

‘इस्लाम की रोशनी’ पर ज्ञान देने से नहीं चला ओझा ‘सर’ का काम, अब देश में क्रांति के नाम पर कर रहे ‘मारने-काटने’ की...

अवध ओझा सर ने US-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का हवाला देते हुए भारत में 'मार-काट' होने की भविष्यवाणी कर दी। और बोला कि ऐसे में वह खुद चीन भाग जाएँगे।

मजहब देखकर मदद करने तक है जिनकी औकात, वो भारतीय सेना को ‘शराबी-बलात्कारी’ बताकर उठाते हैं सवाल: कौन हैं ये लोग?

ये कट्टरपंथी जमात मजहब देखकर सबाब का काम करती है और ये भूल जाती है कि जिस सेना को ये लोग 'शराबी-बलात्कारी' बताते हैं वही सेना हर मुश्किल घड़ी पर सबसे आगे मदद के लिए रहती है।

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