भाजपा के नेता ही दिल्ली के चुनाव में पार्टी की दुर्गति चाहते थे। उन्हीं के नेता चाहते थे कि भाजपा को अच्छे नतीजे न मिलें। मुख्यमंत्री गहलोत के मुताबिक भाजपा के नेता मन ही मन कह रहे थे कि इन्हें कोई सबक मिलना चाहिए।
प्रशांत सिंह को 'कायर' बताते हुए 'भूसा भर के पर्दा गिरा देने' की धमकी भी दी जा रही है। बिलाल ख़ान नामक सपा कार्यकर्ता ने प्रशांत को 'मोदी का कुत्ता, शाह का रखैल और योगी की नाजायज औलाद' जैसे आपत्तिजनक तमगों से नवाजा है।
भीमा-कोरेगॉंव मामले की जॉंच एनआईए को सौंपे जाने के बाद गठबंधन सरकार का मतभेद गहरा गया है। पवार ने अपने मंत्रियों की आनन-फानन में बैठक बुलाई है। इसके बाद से अटकलों का बाजार गरम है।
आरा में हुए पथराव के बाद कन्हैया कुमार को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों ने कई लोगों को कुचल दिया था। हमले के सिलसिले में शिवसेना के महासचिव विक्रमादित्य और संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
"दो दिन के बाद भी इस विषय पर सरकार और केरल के डीजीपी लोकनाथ बेहेरा जिन पर कैग रिपोर्ट में आरोप लगाए गए हैं ने पूरी तरह चुप्पी ओढ़ ली है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि वे इस पर असेंबली में बयान देंगे, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।"
जैसे ही जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी ने इस वीडियो को रिलीज किया, लिबरल सेक्युलर मीडिया गैंग के कथित पत्रकारों ने इसे हाथों-हाथ लेते हुए प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। मीडिया गैंग के अनुसार इस वीडियो में साफ़ नजर आ रहा है कि पुलिस ने ही पहले छात्रों पर बर्बरता दिखाई, जिसके बाद कैंपस में हिंसा भड़की। लेकिन कहानी कुछ और ही है।
पीएम ने बीएचयू में एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। 430 बेड वाला ये अस्पताल 21 महीनों में बन कर तैयार हुआ है। सीएए और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फ़ैसलों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
राजनीति में प्रतीकों के गहरे मायने होते हैं। केजरीवाल ने शपथ लेते वक्त संदेश दे दिया है कि चुनाव के दौरान पैदा हुई हनुमान भक्ति फिलहाल चलती रहेगी। तब तक आप की टोपी की जिम्मेदारी नन्हे अव्यान तोमर के सिर पर होगी।
केजरीवाल ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली है। लेकिन, एक बार फिर अपनी कैबिनेट में महिलाओं को शामिल नहीं किया है। इससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या उनके लिए महिलाएँ केवल वोट बैंक हैं?
जब पुलिस जाँच के लिए सीसीटीवी फुटेज लेने पहुँची, तब छात्रों ने हंगामा किया और पुलिस को वो फुटेज नहीं लेने दिया। आख़िर जामिया के छात्र क्या छिपाना चाहते थे? हमारे कुछ और भी सवाल हैं, जो इस वीडियो को देखने के बाद उभरते हैं। देखिए पूरा वीडियो, जो आपसे छिपाया गया ।